पाक से मित्रता न होने पर भी सिंधु जल समझौता क्यों किया ? – EAM Dr. S. Jaishankar

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राज्यसभा में कांग्रेस से पूछा प्रश्न

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर

नई दिल्ली – भारत की पाकिस्तान से मित्रता (दोस्ती) न होने पर भी सिंधु जल समझौता करने की क्या आवश्यकता थी ? ऐसा कहा गया कि यह शांति का मूल्य है; परंतु, यह तुष्टिकरण की मूल्य थी । कांग्रेस को पंजाब, राजस्थान, हरियाणा राज्यों के किसानों की नहीं, अपितु पाकिस्तान के पंजाब के किसानों की चिंता थी । सिंधु जल समझौता तब तक स्थगित रहेगा जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पूरी तरह से नहीं रोकता । रक्त तथा पानी एक साथ नहीं बह सकते, इन शब्दों में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा करते हुए पाकिस्तान को कडी चेतावनी दी ।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु

१. भारत कई वर्षों से सीमा पार आतंकवाद का सामना कर रहा था । हम जो कहते हैं, वही करके दिखाते हैं । पहले आतंकवादी आक्रमणों की बडी घटनाएं होती थीं, तब उन पर अधिक कार्रवाई नहीं की जाती थी; परंतु, पिछले दशक में हमने आतंकवाद के विरुद्ध ‘शून्य सहनशीलता नीति’ अपनाई, जिससे ये गतिविधियां बडी मात्रा में न्यून (कम) हुईं । आज आतंकवादियों को मिलनेवाला फंड भी रुक गया है।

२. हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नहीं हैं, पाकिस्तान है; तथापि, ऐसा होने पर भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रमुखों ने भारत का पक्ष लिया । रूस सहित कई देशों ने सार्वजनिक रूप से भारत की कार्रवाई का समर्थन किया, इससे स्पष्ट होता है कि हमारी राजनयिक कुशलता कितनी सफल रही । हमने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा (किसी देश में प्रवेश करने, किसी देश को छोडने या किसी देश से यात्रा करने की अनुमति देने वाला आधिकारिक कागज एवं मुहर) निरस्त कर दिए । सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया । भारत ने कैसे प्रतिक्रिया दी, पूरे विश्व ने देखा । हमने विश्व के सामने पाकिस्तान का असली रूप उजागर किया । मुंबई पर हुए आतंकवादी आक्रमण की घटना पर मौन रहनेवाले लोग आज हमें क्या करना चाहिए, यह सिखा रहे हैं ।

३. पिछले दशक में हम आतंकवाद के सूत्र को वैश्विक स्तर पर लाने में सफल रहे हैं । २६ सालों से भारत को वांछित तहव्वुर राणा को सरकार भारत वापस ला सकी है तथा अब उस पर यहां अभियोग चल रहे हैं ।

ट्रंप एवं मोदी के बीच एक भी टेलीफोन कॉल नहीं हुआ !

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि विश्व के किसी भी नेता ने भारत को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोकने के लिए नहीं कहा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच कोई चर्चा नहीं हुई । अमेरिका, सऊदी अरब सहित कई देशों से हमारी चर्चा हुई, सभी टेलीफोन कॉलों का रिकॉर्ड है । वह मेरे सोशल मीडिया खातों पर भी है । हमने सभी को यही बताया कि यदि पाकिस्तान को संघर्ष रोकना है, तो उसे हमारे सैन्य अधिकारियों के माध्यम से अनुरोध करना चाहिए । १२ अप्रैल से २२ जून की अवधि में प्रधानमंत्री मोदी एवं राष्ट्रपति ट्रंप के बीच एक भी टेलीफोन कॉल नहीं हुआ है ।

संपादकीय भूमिका 

कांग्रेस से कितने भी सवाल पूछे जाएं, वे कम ही पडेंगे । कांग्रेस के कारण ही पाकिस्तान का निर्माण हुआ तथा पिछले ७८ सालों से वह भारत के लिए सिरदर्द बना हुआ है । अब की सरकार से जनता की यही उम्मीद है कि वह कांग्रेस के इस पाप को सदैव के लिए समाप्त करे।