China Water Bomb : चीन का ‘वॉटर बम’ : भारत के लिए बडा संकट !


अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने चीन द्वारा यारलुंग त्सांगपो नदी पर बनाए जा रहे विश्व के सबसे बडे बांध पर अपनी चिंता व्यक्त की है । खांडूजी ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को दिए गए साक्षात्कार में कहा कि चीन द्वारा निर्मित यह बांध भारत के लिए ‘वॉटर बम’ के समान है । चीन ने किसी भी अंतरराष्ट्रीय जल संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए है एवं कोई भी यह नहीं जानता कि वह क्या करनेवाला है । यह चीन की सैन्य धमकियों की अपेक्षा बडी समस्या है तथा यह हमारे अस्तित्व के लिए सबसे बडा संकट भी है ।

मुख्यमंत्री पेमा खांडूजी ने आगे कहा :

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू

१. यदि चीन ने अंतरराष्ट्रीय जल बंटवारा समझौते पर हस्ताक्षर किए होते तो कोई भी समस्या नहीं होती; क्योंकि तब यह योजना भारत के लिए वरदान सिद्ध होती । इससे अरुणाचल प्रदेश, असम एवं बांग्लादेश, जहां ब्रह्मपुत्र नदी बहती है, वहां मानसून के समय बाढ आने से बचाव हो सकता था; परंतु चूंकि चीन ने हस्ताक्षर नहीं किए, इसलिए समस्या होगी ।
२. कल्पना कीजिए कि बांध बनकर तैयार हो गया है एवं वे अचानक पानी छोड देते हैं, तो हमारा पूरा सियांग क्षेत्र नष्ट हो जाएगा । इसमें न केवल आदिवासी एवं उनके समान समूह अपनी सारी संपत्ति, भूमि खो देंगे; अपितु मानव जीवन को भी विनाशकारी समस्याओं का सामना करना पडेगा । इसके लिए, अरुणाचल प्रदेश सरकार ने भारत सरकार से परामर्श के उपरांत ‘सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना’ नामक एक परियोजना की योजना बनाई है, जो एक रक्षा तंत्र के रूप में कार्य करेगी एवं जल सुरक्षा सुनिश्चित करेगी ।
३. केंद्र सरकार चीन की इस गतिविधि पर केवल आपत्ति प्रविष्ट कराकर शांत नहीं रह सकती । चीन को कौन समझाएगा ? हम चीन को अपने कारण नहीं समझा सकते । इसके स्थान पर, हमें स्वयं को सुरक्षित करना होगा । चीन का बांध हिमालय पर्वत श्रृंखला के विशाल महाद्वीप पर बन रहा है । वहां से नदी मुडकर अरुणाचल प्रदेश में बहती है ।