आतंकवादी मसूद अजहर की भारत को धमकी
इस्लामाबाद (पाकिस्तान) – आतंकवादियों को दिए गए धन का उपयोग जिहाद के लिए किया जाएगा । पाकिस्तान को आतंकवादियों के आशीर्वाद की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी किसी बडे धार्मिक नेता को होती है । हमारे पास आत्मघाती आक्रमण करने वाले अनेक लोग हैं । कोई भी प्रक्षेपास्त्र उनका कुछ नहीं बिगाड सकता । हमारे पास तीस सहस्र कार्यकर्ता हैं । जैश-ए-मोहम्मद के पास जिहाद के लिए आत्मघाती आक्रमण करने वाले दस सहस्र आतंकवादी हैं, ऐसी धमकी जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक प्रमुख आतंकवादी मसूद अजहर ने दी है । यह धमकी एक ऑडियो के माध्यम से भारत को दी गई है ।
🎙️ “No missiles can stop them” – JeM Chief Masood Azhar threatens that 10,000 Fidayeens are “ready for Jihad” from Pakistan 🇵🇰💣
In an audio from Bahawalpur mosque, he boasts of 30,000 militants under JeM!
💥 Indians demand our forces cross the border again and wipe out the… pic.twitter.com/mhPPRh699c
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) July 9, 2025
यह धमकी पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित मरकज सुभान अल्लाह नामक जैश के मुख्यालय से दी गई बताई जा रही है । ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय भारत ने इस मुख्यालय पर आक्रमण करके उसे ध्वस्त कर दिया था । इस आक्रमण में मसूद अजहर के भाई सहित दस से अधिक रिश्तेदार मारे गए थे ।
विशेषज्ञों के अनुसार मसूद अजहर की यह धमकी सामने लाना पाकिस्तान के एक बडे षड्यंत्र का भाग है । भारत में अमरनाथ यात्रा चल रही है, इस कारण इस धमकी के माध्यम से आतंकवादियों को भडकाया जा रहा है ।
संपादकीय भूमिकाभारत को चाहिए कि वह फिर से पाकिस्तान में घुसकर इन कथित दस सहस्र आतंकवादियों का अंत कर दे, यही भारतवासियों की भावना है । |
India Slams Bangladesh : अल्पसंख्यकों पर अत्याचार एवं उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ होनेवाला खेल भारत सहन नहीं करेगा !
‘भारत ऐसी चीजों पर कभी पैसा खर्च नहीं करेगा’, यह कहकर Trump ने ही प्रस्ताव निरस्त किया ।
हमें हिन्दू धर्म के प्रति घृणा के विरोध में दृढतापूर्वक खडा होना चाहिए ! – US Congressman Sanford Bishop
Resolution Over Iran War : ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्यवाही रोकने वाला प्रस्ताव अमेरिका की संसद के उच्च सदन में पारित
Indus Water Treaty Crisis : सिंधु जल-वितरण करार को लेकर पाकिस्तान ने कश्मीर सीमा पर ३५ ड्रोन-रोधी यूनिट नियुक्त किए !
महिला सदस्यों की समिति द्वारा लैंगिक शोषण विरोधी कानूनों की समीक्षा की जाए । – CM Devendra Fadnavis