Vitthal Mahapooja : “महाराष्ट्र से संकट दूर करें, सभी को सद्मार्ग से जीवन व्यतीत करने की सद्बुद्धि दें !” – मुख्यमंत्री

आषाढ़ी एकादशी के निमित्त मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तों भगवान श्री विठ्ठल–रुक्मिणी की महापूजा !

आषाढ़ी एकादशी के निमित्त भगवान श्री विठ्ठल की शासकीय महापूजा के उपरान्त मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सौ. अमृता फडणवीस तथा अन्य

पंढरपुर (जिला सोलापुर) – “राज्य पर आए संकटों को दूर करने की शक्ति दें, सन्मार्ग पर चलने की सद्बुद्धि दें, बलीराजा को सुखी व संतुष्ट रखने हेतु आशीर्वाद दें” – इस प्रकार की प्रार्थना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भगवान श्री पांडुरंग के चरणो में की । आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर श्री विठ्ठल–रुक्मिणी की शासकीय महापूजा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी पत्नी के साथ तथा मान्यवर वारकरी श्री कैलास एवं सौ. कल्पना कैलास उगले के साथ संपन्न की । इसके उपरान्त ‘श्री विठ्ठल–रुक्मिणी मंदिर समिति’ की ओर से मुख्यमंत्री का सत्कार किया गया । उसी अवसर पर वे संबोधित कर रहे थे ।

सोलापुर जिला के संरक्षक मंत्री जयकुमार गोरे, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, सौ. अमृता फडणवीस, भारतीय जनता पक्ष के विधायक समाधान आवताडे, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, मंदिर समिति के सहअध्यक्ष ह.भ.प. गहिनीनाथ महाराज औसेकर तथा अन्य मान्यवर उस समय उपस्थित थे ।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमुख विषय

१. वारी की परंपरा निरंतर प्रगति कर रही है तथा इस वर्ष वारी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है । भारी संख्या में वारकरी इस वारी में सम्मिलित होकर पांडुरंग के दर्शन हेतु पंढरपुर आए । विशेषकर इस वर्ष वारकारियों में युवाओं की संख्या अत्यधिक रही है ।

२. शासन तथा प्रशासन द्वारा वारकारियों को उत्तम सुविधा प्रदान की गई है । प्रशासन द्वारा ‘जर्मन हैंगर’के पंडालों से वारकारियों हेतु उत्तम व्यवस्था की गई ।

३. वारी में प्रत्येक व्यक्ति अन्य में पांडुरंग को देखता है – ऐसी परंपरा विश्व में अन्यत्र कहीं नहीं है । वारी में हरिनाम का उच्चारण करते समय नवीन ऊर्जा प्राप्त होती है । वारी ने वास्तव में भागवत धर्म का ध्वज ऊंचा बनाए रखा है ।

मंदिर समिति के सहअध्यक्ष ह.भ.प. गहिनीनाथ महाराज औसेकर ने प्रस्तावना प्रस्तुत की । महापूजन के उपरान्त मान्यवर वारकारियों का मुख्यमंत्री के करकमलों द्वारा यथोचित सम्मान किया गया । इसी के साथ मुख्यमंत्री के हस्तों स्वच्छता एवं सामाजिक विषयों पर जनजागृति करनेवाली दिंडियों को ‘श्री विठ्ठल निर्मल दिंडी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया ।