पहली से पांचवी कक्षा के मराठी एवं अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के संदर्भ में महाराष्ट्र सरकार का निर्णय

मुंबई – ‘राज्य पाठ्यक्रम प्रारूप विद्यालयीन शिक्षा २०२४’ के अनुसार इसके आगे पहली से पांचवी कक्षा के मराठी एवं अंग्रेजी माध्यम से विद्यालयों में हिन्दी तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य होगी । पहली से पांचवी कक्षा तक के अन्य माध्यमों के विद्यालयों में मराठी एवं अंग्रेजी ये भाषाएं पढाई जाएंगी । ६ठी से १०वीं कक्षा तक के लिए भाषा नीति ‘राज्य पाठ्यक्रम प्रारूप विद्यालयीन शिक्षा’ के अनुसार होगी । ‘भाषा संबंधित नीति’ इस शीर्षक के अंतर्गत उपपरिच्छेद में इस सूत्र का उल्लेख किया गया है तथा उसके अनुसार सरकार ने यह निर्णय घोषित किया है ।
१. राज्य सरकार की ओर से वर्तमान शिक्षा वर्ष से नए राष्ट्रीय शिक्षा नीति का कार्यान्वयन करने सहित राज्य पाठ्यक्रम प्रारूप लागू करते हुए मराठी विद्यालयों में पहली कक्षा से हिन्दी भाषा अनिवार्य किए जाने के उपरांत अभिभावक, राजनेताओं तथा शिक्षक संगठनों ने इस नीति का तीव्र विरोध किया था ।
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