अब ईरान के विरुद्ध इजरायल का ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ !

  • ईरान में परमाणु ठिकानों पर आक्रमण !

  • कमांडर इन चीफ जनरल होसेन सलामी एवं ईरानी सेना प्रमुख मोहम्मद बाघेरी की मृत्यु !

  • २ वैज्ञानिकों की भी मृत्यु !

सेना प्रमुख मोहम्मद बाघेरी

तेल अवीव (इजरायल) – जहां एक ओर पाकिस्तान के विरुद्ध भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की चर्चा विश्वभर में हो रही है, वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ईरान के विरुद्ध ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ प्रारंभ करने की घोषणा कर दी है । इजरायल ने १३ जून को भारतीय समय के अनुसार प्रात: ईरान की राजधानी तेहरान में कई सैन्य ठिकानों पर हवाई आक्रमण किए एवं उसके परमाणु ठिकानों को भी लक्ष्य बनाया । इसमें ईरान का परमाणु ऊर्जा संस्थान नष्ट हो गया है । क्षेपणास्त्र (मिसाइल) बनाने वाली फैक्ट्री भी नष्ट हो गई । ईरान ने स्वीकार किया है कि उसका ‘नतांज’ परमाणु प्रोजेक्ट नष्ट हो गया है । इस प्रकल्प में ईरान यूरेनियम का संवर्धन कर रहा था । ईरान यूरेनियम का संवर्धन करके परमाणु बम निर्माण करने का प्रयत्न कर रहा था । ईरान के कई सरकारी सामाजिक माध्यमों ने बताया है कि इस आक्रमण में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर-इन-चीफ जनरल होसेन सलामी एवं ईरानी सेना के प्रमुख मोहम्मद बाघेरी की मृत्यु हो गई । इसके साथ ही आक्रमण में दो ईरानी परमाणु वैज्ञानिक डॉ. मोहम्मद तेहरां एवं डॉ. फेरेयदून अब्बासी की भी मृत्यु हो गई । नेतन्याहू ने राष्ट्र के नाम अपने भाषण में इजरायल के दृढ़ संकल्प को व्यक्त किया कि ‘यह अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक कि इजराइल के लिए छल पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो जाता ।’

बेंजामिन नेतन्याहू ने विश्व को ऑपरेशन के संबंध में जानकारी दी ।

बेंजामिन नेतन्याहू

इस संबंध में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक लघु चलचित्र द्वारा अपना वक्तव्य सार्वजनिक किया है, जिसमें उन्होंने विश्व को ईरान पर हुए आक्रमण के संबंध में जानकारी दी । ‘कुछ समय पूर्व इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ लॉन्च किया था । दशकों से ईरानी अधिनायक इजरायल के विनाश की बात कर रहे थे । इसके लिए उसने परमाणु अस्त्र कार्यक्रम प्रारंभ किया था । परमाणु बम बनाने के लिए अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम का उत्पादन किया । यह अभियान इजराइल के अस्तित्व को धोखे में डालने वाले ईरानी संकट को दूर करने के लिए प्रारंभ किया गया है । यह अभियान तब तक चलता ही रहेगा, जब तक कि इजराइल का यह संकट पूरी तरह से टल नहीं जाता । नेतन्याहू ने स्पष्ट किया ।

‘अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संस्थान’ ने की आक्रमण की पुष्टि !

ऐसा कहा जाता है कि इजराइल द्वारा ईरानी सैन्य एवं परमाणु ठिकानों पर किए गए हवाई आक्रमणों में ईरान को भारी हानि हुई है । ‘अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संस्थान’ ने भी इस आक्रमण की पुष्टि की है ।

इजराइल एवं अमेरिका को भारी दंड भुगतना होगा ! – ईरान

ईरानी सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबुलफजल शेकरची ने राष्ट्रीय समाचार वाहिनी से बात करते हुए चेतावनी दी कि हम इजराइली आक्रमण का कठोर उत्तर देंगे । ब्रिगेडियर जनरल अबुलफजल शेकरची ने यह भी कहा कि इजराइल एवं अमेरिका को इस आक्रमण का भारी दंड भुगतना होगा, उन्होंने इजराइल पर अमेरिका की सहायता से यह आक्रमण करने का आरोप लगाया।

ईरान की प्रतिक्रिया !

इजराइली आक्रमण के उपरांत ईरान ने इजराइल पर १०० से अधिक ड्रोन से प्रत्युत्तर में आक्रमण किया । इजराइल को कितनी हानि हुई ? अथवा इजराइल ने कितने ईरानी ड्रोन हवा में नष्ट किए ?, यह कहना संभव नहीं हो पाया है । ईरान ने इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन टू प्रॉमिस’ नाम दिया है ।

भारत ने इजराइल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश दिए !

इजराइली आक्रमण के उपरांत भारत सरकार ने इजराइल में रह रहे भारतीयों को वहां भारतीय दूतावास ने दिशा-निर्देश प्रकाशित किए हैं । ‘इजराइल में रह रहे सभी भारतीयों को वर्तमान तनावपूर्ण परिस्थिति में सतर्क रहना चाहिए। सभी को इजराइली प्रशासन द्वारा प्रकाशित सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए । इजराइल में रह रहे भारतीयों को निर्देश दिया गया है कि जब तक आवश्यक न हो, वे देशांतर्गत यात्रा से बचें ।

संपादकीय भूमिका

  • समस्त वैश्विक स्थिति को देखते हुए, यह कहा जा रहा है कि विश्व तेजी से तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ रहा है । इस संबंध में, सरकार को स्वयं को सिद्ध करने एवं नागरिकों को भी इसके लिए सिद्ध करने की आवश्यकता है !
  • इजरायल शत्रु के आक्रमण की प्रतीक्षा नहीं करता, अपितु उसके आक्रमण से पहले ही उसके देश में घुसकर आक्रमण कर देता है । चूंकि आक्रमण ही स्वयं को बचाने का एकमात्र उपाय है, इसलिए यदि भारत ऐसी कार्रवाई करने लगे तो कोई भी भारत की ओर दृष्टि डालने का साहस नहीं करेगा !