Ulil Abshar Abdalla : आतंकवाद से सर्वाधिक कष्ट हिन्दू, बौद्ध या ईसाई को नहीं, अपितु मुसलमानों को है !

इंडोनेशिया के नेहदलातुल उलेमा कार्यकारी मंडल के अध्यक्ष के.एच. उलिल अब्शर अब्दुल्ला ने स्वधर्मियों को फटकारा !

भारत के प्रतिनिधिमंडल के साथ इंडोनेशिया के के.एच. उलिल अब्शर अब्दुल्ला

जकार्ता (इंडोनेशिया) – इस्लाम के कुछ गुट इस्लाम के नाम पर हिंसा को प्रोत्साहन देते हैं, यह सत्य है । इस्लाम एक शांतिप्रिय धर्म है । मुसलमानों को शांति चाहिए । मैंने भारत से आए सांसदों को बताया कि, आतंकवाद से सर्वाधिक कष्ट हिन्दू, बौद्ध या ईसाई को नहीं, अपितु मुसलमानों को है । इसीलिए मुसलमानों को इस समस्या का उचित पद्धति से सामना करना आवश्यक है, ऐसा स्पष्टीकरण इंडोनेशिया के नेहदलातुल उलेमा कार्यकारी मंडल के अध्यक्ष के.एच. उलिल अब्शर अब्दुल्ला ने किया । पाक-प्रायोजित आतंकवाद की जानकारी देने के लिए भारत के प्रतिनिधिमंडल अनेक देशों में गए हैं । इंडोनेशिया में भी एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा है । इस प्रतिनिधिमंडल द्वारा के.एच. उलिल अब्शर अब्दुल्ला से भेंट करने के उपरांत वे ‘ए.एन.आई.’ समाचार एजेंसी से बात कर रहे थे ।

आतंकवाद को समाप्त किए बिना आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता नहीं आएगी !

के.एच्. उलील अब्शर अब्दुल्ला

अब्शर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि, दक्षिण एशिया के लोगों को शांति और सौहार्द चाहिए । आतंकवाद का उन्मूलन किए बिना आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता नहीं आ सकती । यदि लोगों को धर्म की उचित समझ नहीं है और हिंसा को वैध ठहराने के लिए धर्म का उपयोग किया जा रहा है, तो यह बहुत संकटकारक है । इंडोनेशिया का इतिहास भारत के इतिहास एवं संस्कृति से जुडा हुआ है ।

संपादकीय भूमिका 

भारत के कितने मुसलमान राजनीतिक नेता, धार्मिक नेता इस प्रकार के सत्य में विश्वास रखते हैं और आतंकवादियों का विरोध करते हैं ?