वामपंथी विचारधारा के साथ इस्लाम भी देश का वास्तविक शत्रु है ! – निर्देशक विवेक अग्निहोत्री

निर्देशक विवेक अग्निहोत्री

पुणे – देश के आन्तरिक शत्रुओं के कारण ही देश में नक्सलवाद, साम्यवाद और वामपंथी विचारधारा पनप सकी है । उन्होंने चातुर्यपूर्वक कला, शिक्षा और संस्कृति पर आधिपत्य स्थापित किया है । इस्लाम देश का दूसरा बडा शत्रु है । इस्लाम ने विभिन्न स्थानों पर प्राणघातक भय उत्पन्न कर स्थानीय जनों को इस्लाम स्वीकारने के लिए विवश किया । उन्होंने भारतीय संस्कृति के विरोध में युद्ध की घोषणा की है । यहां के मन्दिरों को ध्वस्त किया । सामाजिक विरासत, वास्तुकला, शिल्पकला और सांस्कृतिक प्रतीकों का विनाश किया । भारत के लिए चीन और पाकिस्तान की अपेक्षा ये अमूर्त शत्रु अधिक घातक हैं, ऐसा मत प्रसिद्ध निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने व्यक्त किया । वे ‘पुणे संवाद’ की ओर से आरोह वेलणकर द्वारा आयोजित ‘द २.५ फ्रण्ट वॉर : इंडियाज सिक्युरिटी चॅलेंजेस अँड रोल ऑफ सिनेमा’ इस विषय पर आयोजित संवाद में बोल रहे थे ।

अग्निहोत्री ने आगे कहा कि समाज में वैमनस्य उत्पन्न करने का प्रयत्न किया जा रहा है । विविधता का अनुचित अर्थ निकाल कर राजनैतिक उद्देश्य सिद्ध किए जा रहे हैं । इस कारण ही उदारीकरण के उपरान्त भी नक्सलवाद और साम्यवाद व्यापक रूप से फैले हुए हैं । वामपंथियों ने चातुर्य से इस भूमि में साम्यवाद का बीजारोपण किया । तत्कालीन शासन ने भी उन्हें ऐसा अवसर प्रदान किया । उसी के माध्यम से उन्होंने शिक्षा एवं संस्कृति पर नियंत्रण स्थापित किया । भारत-पाकिस्तान संघर्ष जितना तीव्र हो रहा है, उतना ही बांग्लादेश सशक्त बनता जा रहा है । पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश भारत का नया शत्रु बनकर सामने आ रहा है ।