India’s Demand From Bangladesh : कृपया भारत में अवैध रूप से रह रहे नागरिकों की सूची का यथाशीघ्र सत्यापन करें !

बांग्लादेश से भारत की मांग

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल

नई दिल्ली – भारत में बडी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक हैं, जिन्हें वापस भेजे जाने की आवश्यकता है । इसलिए बांग्लादेश को इन लोगों की नागरिकता का शीघ्रातिशीघ्र सत्यापन करने को कहा गया है, ऐसा भारतीय विदेश मंत्रालय ने सूचित किया ।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों, फिर वे बांग्लादेशी हों या किसी अन्य देश के नागरिक हों, के साथ विधान के अनुसार कार्यवाही की जाएगी । हमारे पास २,३६० से अधिक लोगों की सूची है जिन्हे निर्वासित करना है ।(देश में ५ करोड से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठिए रह रहे हैं, जिनमें से अब तक केवल २,००० से अधिक ही पकडे गए हैं, जो लज्जास्पद है! – संपादक) उनमें से कई ने अपने कारावास का दंड पूर्ण कर लिया है । कई प्रकरणों में नागरिकता सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है । यह वर्ष २०२० से लंबित है । लगभग ५ वर्ष व्यतीत हो चुके हैं । इसलिए हम बांग्लादेश से सत्यापन प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी करने का आग्रह करते हैं । क्या सूची में सम्मिलित लोग बांग्लादेश के नागरिक हैं या नहीं ? भारत चाहता है कि बांग्लादेश इसकी पुष्टि करे । इससे भारत में अवैध रूप से रह रहे लोगों को निर्वासित करना संभव हो जाएगा ।

दिल्ली में १२१ बांग्लादेशी नागरिक बंदी बनाए गए !

दिल्ली पुलिस ने भारत में अवैध रूप से रह रहे १२१ बांग्लादेशी नागरिकों को बंदी बनाया गया है । अब उन सभी को ‘‘अवैध प्रवासी अधिवास केंद्र‘‘ (एक ऐसा स्थान जो अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले लोगों को एक निश्चित अवधि के लिए रखने के लिए निर्दिष्ट है) भेज दिया गया है । यह कार्रवाई विशेष पुलिस दल द्वारा की गई है । इन लोगों में वे लोग सम्मिलित हैं जिनके वीजा (एक आधिकारिक प्रपत्र या स्टाम्प जो किसी देश में प्रवेश करने, वहाँ से निकलने या वहाँ से होकर यात्रा करने की अनुमति देता है) की अवधि समाप्त हो गई है। कुछ लोगों ने बिना प्रपत्रों के भारत में प्रवेश किया था । पुलिस दल ने प्रपत्रों की जांच के उपरांत ८३१ संदिग्ध बांग्लादेशियों को बंदी बनाया ।

संपादकीय भूमिका

यदि बांग्लादेश इन नागरिकों को अपने देश का नहीं मानता तो भारत आगे क्या करेगा? इससे उपयुक्त यह होगा कि भारत को उन्हें सीधे बांग्लादेश सीमा पर छोड देना चाहिए !