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फोंडा (गोवा), 14 मई (वार्ता) : जैसे कुंभ मेले में करोड़ों श्रद्धालु व संत-महंत एकत्र होते हैं, वैसे ही गोवा की पुण्यभूमि पर पहली बार १७ से १९ मई तक ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का आयोजन एक दिव्य आध्यात्मिक कुंभ मेले के रूप में किया जा रहा है। इस महोत्सव में २३ देशों के नागरिक, संत-महंत, धर्मप्रेमी हिन्दू और श्रद्धालु मिलाकर २५ सहस्त्र से अधिक लोगों की उपस्थिति होने वाली है, ऐसी जानकारी सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री अभय वर्तक ने दी।
फर्मागुड़ी स्थित अभियांत्रिकी महाविद्यालय के मैदान पर यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जिसकी जानकारी देने हेतु १४ मई को इसी मैदान पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति के गोवा राज्य संयोजक श्री सत्यविजय नाईक, हिन्दुत्वनिष्ठ श्री सुचेंद्र अग्नि, उद्यमी श्री जयंत मिरींगकर, तथा मंदिर महासंघ के गोवा राज्य सचिव श्री जयेश थळी उपस्थित थे।
श्री सत्यविजय नाईक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का प्रारंभिक परिचय दिया। महोत्सव की जानकारी देते हुए श्री वर्तक ने कहा, “यह महोत्सव रामराज्य की ओर एक सामूहिक कदम है। इस महोत्सव के माध्यम से साधक और धर्मप्रेमी हिन्दू देव, देश और धर्म की रक्षा हेतु नया संकल्प लेकर सक्रिय बनेंगे। महोत्सव की सारी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। शीघ्र ही गोवा में सभी को भक्ति और शक्ति का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।”
उद्यमी श्री जयंत मिरींगकर ने कहा, “इस महोत्सव के निमंत्रण वाले पोस्टर पूरे गोवा में लगाए गए हैं। रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डा और बस स्टैंड से कार्यक्रम में आने वालों के लिए निशुल्क व्यवस्था की गई है, साथ ही सभी स्थानों पर सहायता केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं। महोत्सव स्थल पर चिकित्सकीय सेवा के लिए १६ चिकित्सकों की व्यवस्था की गई है।”
श्री जयेश थळी ने कहा, “‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पृष्ठभूमि में उत्पन्न युद्ध जैसी परिस्थिति में भारत की विजय हेतु २०, २१ और २२ मई को ‘शतचंडी यज्ञ’ का आयोजन किया गया है। राष्ट्रप्रेमियों को इस यज्ञ में उपस्थित रहकर राष्ट्रकार्य में योगदान देना चाहिए।”
सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव की विशेषताएं
१. विशाल धार्मिक ग्रंथ बिक्री केंद्र, गो-कक्ष, श्री अन्नपूर्णा कक्ष, गुरुमंदिर, ६००० वर्गफुट का शिवकालीन ऐतिहासिक शस्त्रप्रदर्शन, १५ संतों की पावन पादुका कक्ष, १००० वर्ष पुराना सौराष्ट्र का सोमनाथ ज्योतिर्लिंग कक्ष महोत्सव स्थल पर होगा।
२. इस महोत्सव में भाग लेने वाले श्रद्धालु, भक्त और हिन्दुत्वनिष्ठों का पंजीकरण हो चुका है। गोवा से प्रतिदिन ६–७ हज़ार श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
३. सुरक्षा कारणों से सभी को प्रवेश के लिए सरकारी मान्य पहचान पत्र लाना अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद ही प्रवेश मिलेगा। बैग, थैली, पानी की बोतल आदि सामग्री लाने पर मनाही है।
४. महोत्सव के दौरान एक साथ १ करोड़ श्रीराम नामजप किया जाएगा।
व्यवस्थाएं ऐसी होंगी
१. महोत्सव का क्षेत्रफल १ लाख २६ सहस्त्र वर्ग मीटर में फैला है, जिसमें १५ सहस्त्र लोगों के लिए वातानुकूलित पंडाल की व्यवस्था है। श्रद्धालुओं के लिए ३५० शौचालय आदि की व्यवस्था की गई है।
२. सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के लिए निगरानी टावर, सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड, एम्बुलेंस, बाइक एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, प्रशासन के २५ विभागों के लिए अलग कक्ष, मीडिया प्रतिनिधियों के लिए अलग कक्ष जैसी सुविधाएं होंगी।
३. कार्यक्रम स्थल पर ७० स्थानों पर पीने के पानी की व्यवस्था है।
४. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। विशिष्ट और अति विशिष्ट अतिथियों के लिए अलग प्रवेश द्वार होगा।
५. भीड़ प्रबंधन के लिए २०० ट्रैफिक पुलिस और ७० स्वयंसेवक मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम स्थल पर उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
६. ११सहस्त्र क्षमता वाला १ और ७ सहस्त्र सीटों वाले २, इस प्रकार कुल ३ सभा मंडप होंगे। ये सभी वातानुकूलित होंगे।—
महोत्सव का सीधा प्रसारण देखा जा सकेगा!
इस महोत्सव का सीधा प्रसारण ‘SanatanRashtraShankhnad.in’ इस वेबसाइट पर देखा जा सकेगा।
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