Yogiji on Namaz On Road : सडकें चलने के लिए होती हैं, नमाज-पठन हेतु नहीं !

  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्टीकरण

  • उन्होंने हिन्दुओं से धार्मिक अनुशासन सीखने का भी परामर्श दिया !

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

नई दिल्ली – मेरठ में सडकों पर नमाज पढने के संबंध में जारी आदेश उचित ही हैं । सडकें चलने के लिए होती हैं । जो लोग सडकों पर नमाज पढने की बात कर रहे हैं, उन्हें हिन्दुओं से अनुशासन सीखना चाहिए । महाकुंभ मेले में ६६ करोड लोग प्रयागराज आए थे । कहीं भी लूटपाट, मारपीट, उत्पीडन, तोडफोड अथवा अपहरण की कोई घटना नहीं हुई । यह धार्मिक अनुशासन है । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सडक पर नमाज पर प्रतिबंध का समर्थन करते हुए कहा, ‘वे आस्था के साथ आए, पवित्र स्नान किया और अपने-अपने घर लौट गए ।’ वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को दिए गए एक साक्षात्कार में ऐसा बोल रहे थे ।

त्यौहारों को अनुशासन के साथ ही मनाना चाहिए !

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि त्योहारों को अनुशासनहीनता का घृणित प्रदर्शन नहीं बनना चाहिए । यदि आप सुविधा चाहते हैं तो आपको अनुशासन का पालन करना होगा । आप इन सबकी तुलना कावड यात्रा से करते हैं । कावड यात्रा हरिद्वार (उत्तराखंड) से गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) तक जाती है । तो वे सडक पर ही चलेंगे । क्या हमने कभी मुस्लिम समुदाय के जुलूस को रोका है ? मुहर्रम के अवसर पर जुलूस भी निकाला जाता है । हमने कहा, ‘ताजियाह (मुहर्रम जुलूस में धार्मिक मीनार) की ऊंचाई कम करें ।’ यह उनकी अपनी सुरक्षा के लिए है; क्योंकि ऊपर बिजली के तार हैं । इसलिए मैं कहता हूं, ऊंचाई कम करो । बिजली के तारों से झटका लगना घातक हो सकता है ।

नमाज-पठन का स्थान ईदगाह अथवा मस्जिद है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कावड यात्रा के समय भी हमने कहा था कि ‘डीजे’ (बडे म्यूजिक सिस्टम) की ऊंचाई कम की जाए । जो लोग ऐसा नहीं करते, हम उन्हें ऐसा करने के लिए विवश करते हैं । कानून सबके लिए एक जैसा है । क्या आप ईद पर नमाज के नाम पर घंटों सडक जाम करेंगे ? नमाज-पठन का स्थान ईदगाह अथवा मस्जिद हो सकता है । सडक नहीं । योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा ।

संपादकीय भूमिका 

  • क्या देश में कोई भी शासक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भांति स्पष्ट और निर्णायक ढंग से बोलता और कार्य करता है ?
  • हिन्दुओं को अब योगी आदित्यनाथ जैसे तपस्वी, त्यागी और संत स्वभाववाले शासक लाने के लिए संगठित प्रयास करने चाहिए !