देश में हिजाब, साथ ही दाढी रखना प्रतिबंधित

दुशंग्बे (ताजिकिस्तान) – मध्य एशिया के मुसलमानबहुसंख्यक देश, ताजिकिस्तान में महिलाओं के कपडों के संदर्भ में शीघ्र ही नए मार्गदर्शक तत्त्व जारी किए जाएंगे । इनमें महिलाओं को कौन सी आयु में, किस अवसर पर एवं कहां कौनसे कपडें पहनने हैं, इस विषय में अनुसंशाएं होगी । पूर्व के कुछ वर्षों में ताजिकिस्तान सरकार द्वारा ‘पारंपरिक’ ताजिक कपडों को प्रोत्साहन दिया है तथा राष्ट्रीय संस्कृति के विरुद्ध माने गए कपडों पर प्रतिबंध लगाया गया है । साथ ही सरकार ‘विदेशी इस्लामी प्रभाव’ दूर करने हेतु प्रयास कर रही है ।

१. वर्ष १९९२ से सत्तारूढ राष्ट्रपति इमोमाली रहमन ने इससे पूर्व इस्लामी हिजाब का ‘समाज हेतु एक समस्या के रूप में’ वर्णन किया था । उसपर देश में प्रतिबंध है । महिलाओं को ‘ताजिक शैली’ में कपडे पहनने का आवाहन किया है । साथ ही सरकार ने देश में लंबी दाढी रखने का अनौपचारिक प्रतिबंध लगाया है ।
Tajikistan to eliminate ‘Foreign I$!amic influence’ to promote traditional clothes!
The country has enforced a ban on the Hij@b and on sporting a beard
An I$!amic country like Tajikistan values local traditions without encouraging things like a beard and hij@b. Whereas it is… pic.twitter.com/YaOY7cfZH0
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) February 23, 2025
२. वर्ष २०१५ के आरंभ में अनेक ताजिक नागरिक ‘इस्लामिक स्टेट’ नामक आतंकवादी संगठन में सम्मिलित हुए थे । इस घटना को ध्यान में रखते हुए, ताजिकिस्तान सरकार द्वारा ये निर्णय लिया गया है ।
३. ताजिकिस्तान में अनुमान से ९८ प्रतिशत जनसंख्या इस्लाम धर्म का पालन करती है । इतनी बडी संख्या में मुसलमान जनसंख्या होने पर भी देश का प्रशासन औपचारिक पद्धति से धर्मनिरपेक्ष सरकार के रूप में काम देखता है ।
संपादकीय भूमिकाताजिकिस्तन जैसा इस्लामी देश हिजाब, दाढी जैसी बातों को प्रोत्साहन देने की अपेक्षा स्थानीय परंपरा को महत्त्व देता है । भारत के मुसलमान मात्र भारतीय परंपराओं का अंगीकार करने की अपेक्षा अरबी परंपराओं का पालन करने का प्रयास करते हैं, यह कष्टदायक है ! |