Tajikistan Hijab Ban : ताजिकिस्तान ‘विदेशी इस्लामी प्रभाव’ दूर करेगा : पारंपरिक कपडों को प्रोत्साहन देगा !

देश में हिजाब, साथ ही दाढी रखना प्रतिबंधित

राष्ट्रपति इमोमाली रहमन

दुशंग्बे (ताजिकिस्तान) – मध्य एशिया के मुसलमानबहुसंख्यक देश, ताजिकिस्तान में महिलाओं के कपडों के संदर्भ में शीघ्र ही नए मार्गदर्शक तत्त्व जारी किए जाएंगे । इनमें महिलाओं को कौन सी आयु में, किस अवसर पर एवं कहां कौनसे कपडें पहनने हैं, इस विषय में अनुसंशाएं होगी । पूर्व के कुछ वर्षों में ताजिकिस्तान सरकार द्वारा ‘पारंपरिक’ ताजिक कपडों को प्रोत्साहन दिया है तथा राष्ट्रीय संस्कृति के विरुद्ध माने गए कपडों पर प्रतिबंध लगाया गया है । साथ ही सरकार ‘विदेशी इस्लामी प्रभाव’ दूर करने हेतु प्रयास कर रही है ।

ताजिकिस्तान सरकार द्वारा ‘पारंपरिक’ ताजिक कपडों को प्रोत्साहन

१. वर्ष १९९२ से सत्तारूढ राष्ट्रपति इमोमाली रहमन ने इससे पूर्व इस्लामी हिजाब का ‘समाज हेतु एक समस्या के रूप में’ वर्णन किया था । उसपर देश में प्रतिबंध है । महिलाओं को ‘ताजिक शैली’ में कपडे पहनने का आवाहन किया है । साथ ही सरकार ने देश में लंबी दाढी रखने का अनौपचारिक प्रतिबंध लगाया है ।

२. वर्ष २०१५ के आरंभ में अनेक ताजिक नागरिक ‘इस्लामिक स्टेट’ नामक आतंकवादी संगठन में सम्मिलित हुए थे । इस घटना को ध्यान में रखते हुए, ताजिकिस्तान सरकार द्वारा ये निर्णय लिया गया है ।

३. ताजिकिस्तान में अनुमान से ९८ प्रतिशत जनसंख्या इस्लाम धर्म का पालन करती है । इतनी बडी संख्या में मुसलमान जनसंख्या होने पर भी देश का प्रशासन औपचारिक पद्धति से धर्मनिरपेक्ष सरकार के रूप में काम देखता है ।

संपादकीय भूमिका 

ताजिकिस्तन जैसा इस्लामी देश हिजाब, दाढी जैसी बातों को प्रोत्साहन देने की अपेक्षा स्थानीय परंपरा को महत्त्व देता है । भारत के मुसलमान मात्र भारतीय परंपराओं का अंगीकार करने की अपेक्षा अरबी परंपराओं का पालन करने का प्रयास करते हैं, यह कष्टदायक है !