गत वर्ष भी इसी मुसलमान ने इस्कॉन मंदिर में तोडफोड की थी।

ढाका (बांग्लादेश) – बांग्लादेश के फरीदपुर में एक मुसलमान युवक ने काली मंदिर में प्रवेश कर श्री सरस्वती देवी की मूर्ति तोड दी । आरोपी का नाम मोहम्मद मिराजुद्दीन है । भक्तों ने उसे रंगे हाथों पकड लिया और पुलिस को सौंप दिया ।
मंदिर समिति के सदस्यों के अनुसार, काली मंदिर ४ फुट ऊंची दीवार से घिरा हुआ है । ऐसी स्थिति में मिराजुद्दीन सहजता से मंदिर में प्रवेश कर गया । यह घटना ३ फरवरी को उस समय घटी जब मंदिर में श्री सरस्वती देवी की पूजा की तैयारी चल रही थी।
Bangladesh: Muslim youth caught red-handed vandalising Devi Saraswati’s Vigraha in a temple
The same person had vandalized an ISKCON temple last year but was released, citing mental disability
📌 Whether mentally unstable or not, Mu$l!ms continue to target Hindus and their… pic.twitter.com/wLUN4kuCNm
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) February 2, 2025
उसे यह कहकर मुक्त कर दिया गया कि वह मानसिक रूप से अस्थिर है !
मिराजुद्दीन गत वर्ष फरवरी में फरीदपुर के इस्कॉन मंदिर में श्री सरस्वती देवी की मूर्ति को तोडने में भी सम्मिलित था । उस समय भी उसे मानसिक रूप से अस्थिर घोषित कर दिया गया और मुक्त कर दिया गया था। (मुसलमान चाहे मानसिक रूप से अस्थिर हों अथवा नहीं, वे हिन्दुओं और उनके मंदिरों को ही लक्ष्य बनाते हैं । इससे पता चलता है कि हिन्दुओं के प्रति उनकी मानसिकता कितनी द्वेषपूर्ण है ! क्या ऐसे लोगों के रहते कभी धर्मनिरपेक्षता और भाईचारा अबाधित रह सकता है ? – संपादक)
उक्त चित्र एवं वीडियो प्रकाशित करने का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करना नहीं है । केवल जानकारी के लिए प्रकाशित किया गया है । – संपादक |
संपादकीय भूमिकायह बात धीरे-धीरे स्पष्ट होती जा रही है कि बांग्लादेश में हिन्दू और उनके मंदिर असुरक्षित हो गए हैं और उनकी रक्षा करने वाला कोई नहीं बचा है । जो कि संपूर्ण विश्व के हिन्दुओं के लिए अत्यंत लज्जास्पद है ! |