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संभल (उत्तर प्रदेश) – यहां २४ नंवंबर २०२४ को शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के अवसर पर हुई हिंसा के समय हिन्दू पक्ष की ओर से अभियोग चलानेवाले अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की हत्या की जानेवाली थी । इसके लिए दंगाइयों को शस्त्र भी वितरित किए गए थे । शारिक साथा द्वारा यह षड्यंत्र रचा गया था । उसके सहयोगी मुल्ला अफरोज ने शस्त्र की पूर्ति की थी, शारिक साथा का एक और सहयोगी वारिस की जांंच से ऐसी जानकारी उजागर हुई । पुलिस ने २५ जनवरी को उसे बंदी बनाया । इस हिंसा के समय २ मुसलमान युवकों की गोलियों से हत्या करने की बात भी वारिस ने स्वीकार की । पुलिस ने वारिस से एक पिस्तौल, कारतूस तथा २ भ्रमणभाष संच बरामद किए ।
पुलिस जांच में वारिस ने बताया कि शारिक साथा टोली ने अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन को मारने हेतु शस्त्र वितरित किए थे । शारिक साथा टोली ने कहा था कि उन्हें मस्जिद की रक्षा करनी पडेगी तथा सर्वेक्षण के समय उनका खून करना होगा । शारिक साथा टोली इस हत्या द्वारा पूरे देश में दंगे भडकाना चाहती थी ।
संपादकीय भूमिका
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