प्रशासन ने कुंभपर्व के सेक्टर ५ में लगीं अवैध दुकानों को तोडा !

दुकानदारों का रास्ता बंद आंदोलन तथा कार्रवाई की सत्यता के विषय में ‘सनातन प्रभात’का घटनास्थल से वृत्तांकन !

– श्री. प्रीतम नाचणकर, विशेष प्रतिनिधि, प्रयागराज

सडक बंद आंदोलन करते हुए दुकानदार

प्रयागराज, २१ जनवरी (संवाददाता) : बार बार निर्देश देकर भी महाकुंभपर्व के सेक्टर ५ के गंगोली शिवाली मार्ग पर स्थित खाक चौक पर लगी अवैध दुकानें हटाए न जाने से २१ जनवरी को प्रशासन ने इन दुकानों पर कार्यवाही की । इस समय दुकानदारों ने प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए सड़क बंद की, जिससे इस क्षेत्र में कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण थी । दुकानदारों द्वारा मार्ग रोके जाने से यातायात रुका था । उसके कारण पुलिसकर्मियों को तैनात कर आंदोलनकारी दुकानदारों को यहां से हटाया गया ।

लगभग दोपहर १२ बजे प्रशासन ने एक जेसीबी यंत्र से इन दुकानों पर कार्यवाही की । इस कार्यवाही के उपरांत सभी दुकानदारों तथा उनके परिजनों ने मार्ग पर उतरकर प्रशासन की आलोचना की । इस समय आंदोलनकारी दुकानदारों ने इस सेक्टर के प्रयागराज मेला प्राधिकरण के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की । ‘सनातन प्रभात’ ने जिन दुकानदारों पर कार्यवाही हुई उनसे मिलकर उनका पक्ष भी जानकर लिया । कुछ दुकानदारों ने प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दुकान का किराया लेकर भी, दुकान तोडे जाने की बात कही । एक दुकानदार ने कहा, ‘मैं विगत २२ वर्ष से दुकान लगाता हूं तथा मेला समाप्त होने पर किराए का भुगतान करता हूं ।’अन्य एक दुकानदार ने कहा, प्रशासन ने बिना नोटिस दिए कार्यवाही की है; जबकि एक दुकानदार ने दुकान लगाने की अनुमति के लिए बार बार प्रशासनिक कार्यालय जाने पर भी, प्रशासन ने अनुमति का केवल आश्वासन दिया, ऐसा बताया ।

इसके लिए कार्यवाही आवश्यक थी, ऐसा अधिकारियों ने बताया …

‘सनातन प्रभात’ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सेक्टर ५ के मेला व्यवस्थापक राजकुमार बैठा से भेंट की । उस समय उन्होंने कहा, जितनी दुकानों पर कार्यवाही की गई है, वो सभी दुकानें अवैध हैं । जिस मार्ग पर की दुकानों को तोडा गया है, वह स्नान हेतु जाने का मुख्य मार्ग है । इस मार्ग से शोभायात्राएं निकलनेवाली हैं । उसमें सहस्रों गाडियां, हाथी, उंट आदि का समावेश है । अवैध दुकानों को यदि हटाया नहीं गया, तो शोभायात्रा निकाली नहीं जा सकेगी । इस मार्ग पर दुकानें न लगाने के विषय में निरंतर निर्देश दिए गए थे; परंतु तब भी यहां दुकानें लगाई गईं । हम प्रतिदिन इन अवैध दुकानों को नोटिस देते रहे, तो हम व्यवस्थापन के अन्य काम कर ही नहीं पाएंगे । २ दिन पूर्व जब सेक्टर १९ में आग लगी; परंतु वहां तक अग्निशमन दल की गाडियों के पहुंचने में बाधा उत्पन् हुई; इसलिए अवैध दुकानों पर कार्यवाही करना आवश्यक है ।

क्या दलाल पैसे ले रहे हैं ? इसकी जांच होना आवश्यक !

इस समय कुछ दुकानदारों ने ‘सनातन प्रभात’ को बताया कि अधिकारियों ने दुकानें लगाने की अनुमति देने के लिए पैसे लेने की बात कही । तो इसमें निश्चितरूप से किसने पैसे लिए ? तथा प्रशासनिक अधिकारियों के नाम से दलाल पैसे ले रहे हैं ?, इसकी जांच होना आवश्यक है ।