उच्चतम न्यायालय भागे
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) – इस सप्ताह यति नरसिंहानंद और अन्यों की ओर से धर्मसंसद आयोजित की गई है । इसे निरस्त कराने के लिए पूर्व प्रशासकीय अधिकारी और कथित सामाजिक कार्यकर्ता भागे भागे उच्चतम न्यायालय गए हैं ।
Ex-IAS officers oppose the proposed Dharma Sansad to be organised by Yati Narasinghanand citing hate speech concerns !
File contempt petition against UP for ignoring SC directives.
It is important to note that whenever someone tries to showcase the true nature of certain… pic.twitter.com/SA13Oio9KI
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) December 17, 2024
इस धर्मसंसद के विरुद्ध कारवाई करने में उत्तर प्रदेश की पुलिस विफल रही है । यह आरोप उन्होंने लगाया है । यति नरसिंहानंद पर मुसलमानों के विरुद्ध बार बार कथितरूप से द्वेषपूर्ण भाषण देने का आरोप उच्चतम न्यायालय में डाली याचिका में किया गया है । (धर्मांधों का खरा स्वरूप कोई उजागर करता है, तो उसपर टूट पड़ने वाली धर्मनिरपेक्षतावादियों की टोली हिन्दुओं पर होनेवाले अत्याचारों के विषय में सदैव मौन रहती है, यह जान लीजिए ! – संपादक) याचियों में अरुणा राय, अशोक कुमार शर्मा, देब मुखर्जी, नवरेखा शर्मा, सय्यद हमीद, विजयन एम.जे. जैसे सेवानिवृत्त प्रशासकीय अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समावेश है ।

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