सर्वोच्च न्यायालय ने बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार को सुनाया
नई देहली –सर्वोच्च न्यायालय ने बंगाल सरकार से कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंभव है । कोलकाता उच्च न्यायालय के निर्णय को चुनौती देनेवाली याचिकाओं पर सुनवाई करते समय सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया । बंगाल ने वर्ष २०१० से अनेक जातियाें को अन्य पिछडी जाति का स्तर देकर आरक्षण दिया था, जो उच्च न्यायालय ने निरस्त किया था । सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि इस प्रकरण की अगली सुनवाई ७ जनवरी को होगी ।
संपादकीय भूमिकाभारतीय राज्यसंविधान के अनुसार धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंभव है । तब भी तथाकथित निरपेक्षतावादी राजनीतिक पक्ष मुसलमानों को आरक्षण देने का लालच दर्शा कर उनके मत प्राप्त करने का प्रयास करते हैं इसलिए न्यायालय पर ऐसे निर्णय निरस्त करने का समय आता है ! |

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