
रांची (झारखंड) – झारखंड और बंगाल के १७ ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की है । बताया जा रहा है कि बांग्लादेशी घुसपैठ, वेश्याव्यवसाय तथा विदेशों से अवैध पैसे के लेन-देन प्रकरण में यह कार्यवाही की गई है ।झारखंड विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का मतदान १३ नवंबर को होने जा रहा है । उसके ठीक एक दिन पहले होनेवाली इस कार्यवाही को अधिक महत्व मिल रहा है । बंगाल में भी विधानसभा के ६ स्थानों उप चुनाव हो रहे हैं ।
📌The ED raids at 17 locations in #Jharkhand and #WestBengal in illegal #Bangladeshi infiltration case, discover prostitution and money laundering activities
👉 This racket also hints at a possible involvement of Police and Administration. Strict actions should be taken against… pic.twitter.com/8JcwhGtdyV
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) November 12, 2024
१. जून २०२४ में रांची पुलिस ने बरियाटू थाना क्षेत्र के बाली रिसॉर्ट से ३ बांग्लादेशी लड़कियों को वेश्याव्यवसाय के आरोप में बंदी बनाया था । पता चला है कि वे बांग्लादेश के चट्टोग्राम की निवासी थीं ।
२. न्यायालय ने इन तीनों में से प्रत्येक को १० हजार रुपए के निजी मुद्रांक पर इस शर्त पर जमानत दी कि वे जांच में सहयोग करेंगी । ३ सप्ताह पहले ‘ईडी’ के अधिकारी जब इन तीनों की जांच करने संबंधित पुलिस थाने पहुंचे, तब पता चला कि वहां की पुलिस को इन तीनों लड़कियों के विषय में कोई जानकारी नहीं थी । (इस घटना से पता चलता है कि बांग्लादेशी घुसपैठ की घटना में पुलिस की मिलीभगत होने की संभावना अधिक है । ऐसे कर्मचारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही होनी चाहिए ! – संपादक)
Amroha Conversion : अमरोहा (उत्तरप्रदेश) में नाम बदलकर अस्पताल चलाने वाले मुसलमान द्वारा हिन्दू परिचारिका का धर्मान्तरण ।
Stray Dogs Attack : आवारा कुत्ते के आक्रमण में घायल हुई बच्ची को १ लाख रुपये का अनुदान (मुआवजा) देने का आदेश
Somalians Life Imprisonment : नौका को हडपकर अपहृत कर्मियों को बंधक बनाने वाले सोमालिया के ४४ नागरिकों को आजीवन कारावास का दंड !
Modi NEET Paper Leak : प्रश्नपत्रिका लीक प्रकरण के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए – प्रधानमन्त्री मोदी
(और इनकी सुनिए…) ‘भारत को बलपूर्वक लोगों को हमारे देश में भेजने नहीं देंगे !’ – Bangladesh Home Minister
जंजीरा दुर्ग पर स्थायी रूप से भगवा ध्वज फहराया जाए, अन्यथा तीव्र आंदोलन करेंगे – ‘सह्याद्री प्रतिष्ठान हिंदुस्थान’ की चेतावनी