
भिलाई (छत्तीसगढ) – छत्तीसगढ राज्य गोसेवा आयोग के संरक्षक संत रामबालक दास महात्यागीजी ने देहली में जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंदजी के चातुर्मास कार्यक्रम में भाग लेकर उनके साथ विशेष संवाद किया । देहली के सफदरगंज में आयोजित गोसेवक सम्मान समारोह में भी वे सहभागी हुए । इस कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अन्य कुछ राज्यों की भांति छत्तीसगढ में भी गायों की स्थिति अच्छी नहीं है । गायों की सडक पर मृत्यु होने की घटनाएं बहुत बढी हैं । अनुदान के अभाव में गोशाला समितियों के सामने समस्याएं उत्पन्न हुई हैं । ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ सरकार सर्वसमावेशी गोसेवा आयोग का गठन करे, ऐसी मांग संत रामबालक ने की ।
संत रामबालक दास ने कहा कि छत्तीसगढ में वे वर्ष १९९७ से गोरक्षा हेतु कार्य कर रहे हैं । उस समय छत्तीसगढ में केवल २० गोशालाएं थीं । पिछले १५ वर्षाें में १५० गोशालाओं का निर्माण किया गया ।
संपादकीय भूमिकागायों की रक्षा हेतु संतो को ऐसी मांग करनी पड़े, ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए। । छत्तीसगढ की भाजपा सरकार गोरक्षा हेतु स्वयं ही कदम उठाए, यह हिन्दुओं की भावना है ! |
( और इनकी सुने …) ‘क्या सरकार अब भा.ज.पा. की ही भूमिका अपना रही है ?’ – Udhayanidhi Stalin
देवस्थान भूमि के संदर्भ में सरकारी देवस्थान समिति की पहली बैठक संपन्न हुई !
गाय को राष्ट्रमाता घोषित करो ! – पू. किशोरशास्त्री दवे
India UAE BrahMos Deal : संयुक्त अरब अमीरात भारत से ‘ब्राह्मोस’ क्षेपणास्त्र क्रय पर कर रहा है चर्चा !
New FCRA Rules : ‘धार्मिक कृति’ के नाम पर धर्मांतरण करने वालों के विदेशी दान पर केंद्र सरकार का प्रहार
विधान मंडल के वाहन तल में लावारिस स्थिति में १५ से अधिक वाहन पडे हैं ।