
आगरा (उत्तर प्रदेश) – याचिकाकर्ता योगी युवा ब्रिगेड के क्षेत्रीय अध्यक्ष कुँवर अजय तोमर ने श्रावण माह के समय ताज महल में दुग्धाभिषेक एवं जलाभिषेक करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने स्कवाल कॉज कोर्ट में याचिका प्रविष्ट की है। इसमें पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीक्षक को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका पर 16 अगस्त को सुनवाई होगी। इससे पहले 26 अप्रैल 2024 को इस संबंध में एक याचिका प्रविष्ट की गई थी। तब कोर्ट ने पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को नोटिस भेजा था; किंतु इस विभाग की ओर से कोई उत्तर नहीं दिया गया। इसके चलते एक बार फिर याचिका प्रविष्ट की गई है।
याचिका में कुंवर अजय तोमर ने कहा है कि श्रावण मास करोड़ों हिन्दूओं की आस्था से जुड़ा है। यह भगवान शंकर की आराधना का पर्व है। तेजोमहालय (ताजमहल) भगवान शिव का एक मंदिर है। अत: यहां जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक अवश्य करना चाहिए। तेजो महालय का निर्माण राजा परमादिदेव ने वर्ष 1212 में करवाया था। इसके बाद राजा मानसिंह ने इसे महल का रूप दे दिया। उस समय मंदिर को सुरक्षित रखा गया था। इसके बाद मुगलों की सत्ता आई। उस समय शाहजहां ने राजा मानसिंह से तेजोमहालय छीन लिया। शाहजहाँ की पत्नी मुमताज को यहाँ दफनाया नहीं गया है। मुमताज की असली कब्र मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में है। मुमताज के शव को तापी नदी के किनारे दफनाया गया था। इसका प्रमाण आज भी उपलब्ध है। मुगलों ने भारत में आकर मंदिरों को ध्वस्त कर दिया और उनके ऊपर कब्रें बना दीं।
संपादकीय भूमिकाऐसी मांग करने का समय हिन्दूओं पर नही आना चाहिए अपितु सरकार को स्वयं ताज महल की खुदाई का आदेश देकर सच्चाई सामने लानी चाहिए! |
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