हिन्दुओ, आपातकाल में जीवित रहने के लिए साधना करने के साथ-साथ स्वरक्षा की तैयारी करें !
वर्तमान आपातकाल में ईश्वर की भक्ति करने के साथ-साथ कराटे, लाठी चलाना आदि स्वरक्षा विद्या प्राप्त करना आवश्यक है ।
वर्तमान आपातकाल में ईश्वर की भक्ति करने के साथ-साथ कराटे, लाठी चलाना आदि स्वरक्षा विद्या प्राप्त करना आवश्यक है ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी (गुरुदेवजी) के ईश्वरत्व के विषय में विश्लेषण !