जयपुर (राजस्थान) – ‘‘जीवन में सद्गुणों का अभाव और दोषों की अधिकता जीवन को तनावमय बनाती है । हमारे गुण-दोष पर निर्भर है कि हम परिस्थिति को किस दृष्टि से देखते हैं । इसलिए दोष-निर्मूलन के साथ गुण-संवर्धन हेतु प्रयास करते हैं, तो निश्चित ही आनंदमय जीवन बिता सकते हैं’’, ऐसा प्रतिपादन सनातन संस्था की श्रीमती मधुलिका गोयल ने किया । वे संस्था के रजत जयंती महोत्सव निमित्त यहां के श्री अग्रसेन पब्लिक स्कूल में तनावमुक्ति की कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं । इस समय विद्यालय के सचिव श्री. कमल नानूवाला, प्राचार्या अमिता कुलवाल, राकेश गर्ग के साथ ४० से अधिक अध्यापक-अध्यापिका उपस्थित थे ।

गूगल का ‘जेमिनी’ एआई प्लेटफॉर्म ‘जय श्रीराम’ का उत्तर देता है, तो ‘सिरी’ ऐसा क्यों नहीं कर सकती ? – हिन्दुत्वनिष्ठों का प्रश्न
RBI Polymer Notes : प्लास्टिक के नोट प्रचलन में लाने पर रिजर्व बैंक विचार कर रहा है ।
Punjab Extortion Case : पंजाब पुलिस द्वारा बलपूर्वक वसूली के मामले में पुलिस निरीक्षक को बंदी बनाया
Kerala Court Waqf Board : केरल उच्च न्यायालय द्वारा राज्य वक्फ बोर्ड पर नीतिगत निर्णय लेने पर रोक I
(और इनकी सुनिए…) “हिन्दी तथा उर्दू भारत की भाषाएं हैं, जबकि संस्कृत बाहर से आई है ।” – Congress MP Mohammad Javed
Nagpur Police : यातायात पुलिस को बंदूक रखना अनिवार्य !