
वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – काशी विश्वनाथ मंदिर में विश्वभर से भक्त आते हैं । उनकी सुरक्षा के लिए संपूर्ण मंदिर परिसर में बडी मात्रा में पुलिस तैनात की गई है । हाल ही में वाराणसी के पुलिस आयुक्त ने काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में तैनात पुलिस के पहनावे में बदलाव किया है । नए आदेश के अनुसार गर्भगृह में तैनात पुलिस पंडितों के समान ही भगवा धोती- कुर्ता और रुद्राक्ष की माला पहनेगी ,साथ ही माथे पर त्रिपुंड लगाएंगे, तो महिला पुलिस कर्मचारी भगवा सलवार-कुर्ते में होगी ।
(सौजन्य : Oneindia Hindi | वनइंडिया हिंदी)
पुलिस आयुक्त के इस निर्णय पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित अनेकों ने टिप्पणी की है, तो कुछ लोगों ने समर्थन किया है । काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की संख्या में कीर्तिमान बढत हो रही है । ऐसी स्थिति में अनेकों बार गैरवर्तन अथवा धक्का-मुक्की होने की शिकायतें आ रही थीं । इस कारण मंदिर में अलग प्रकार के पुलिस तंत्र की आवश्यकता लगने लगी । इसके अंतर्गत काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में पुजारी के वेश में पुलिस तैनात की गई है । इसके अतिरिक्त मंदिर में ‘टच पॉलिसी’ भी लागू की गई, इसके अंतर्गत पुलिस भक्तों को लाइन में आगे जाने के लिए धक्का नहीं मारेगी अथवा हाथ नहीं लगाएगी ।
ज्योतिषियों की ओर से समर्थन !
इस पहनावे के विषय में यहां के ज्योतिषी पंडित शशि शेखर त्रिपाठी ने कहा कि यह निर्णय योग्य है । ज्योतिष शास्त्र अनुसार वह पुलिस दंडाधिकारी होकर क्रूर तत्व मंगल से संबंधित है तथा मंदिर और मंदिर का वातावरण देवगुरु वृहस्पति का प्रतिनिधित्व करते हैं । गुरु का संबंध धर्म और अध्यात्म से है । पंडितों का पहनावा करने वाले पुलिस के कारण मंगल तत्व न्यून होकर गुरु तत्व बढेगा । यह अच्छा है । धार्मिक स्थान पर गुरु का वर्चस्व अधिक होना चाहिए ।
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