मुंबई विश्वविद्यालय की एम.ए. की परीक्षा में गैरजिम्मेदारी !

मुंबई – मुंबई विश्वविद्यालय के पोस्टग्रेजुएट द्वितीय वर्ष एम.ए. के तृतीय सत्र की परीक्षा में गलत प्रश्न आने से विद्यार्थी संतप्त हो गए थे । १ मार्च के दिन ‘भारत की विदेश नीति’ इस विषय की प्रश्नपत्रिका में ‘भारत के पडोसी राष्ट्रों की नीति’ इस विषय के प्रश्न पूछे गए थे । प्रत्यक्ष में ‘भारत के पडोसी राष्ट्रों की नीति’ इस विषय की परीक्षा २६ फरवरी को हो गई थी । १ मार्च के दिन दोपहर २:३० से शाम ५:०० तक परीक्षा थी; लेकिन विश्वविद्यालय की गलती के कारण दोपहर ४:३० बजे विद्यार्थियों को सुधारित प्रश्नपत्रिका विश्वविद्यालय ने दी । सायंकाल ७:०० बजे तक परीक्षा ली गई । इस कारण विद्यार्थियों को ४:३० घंटे परीक्षा केंद्र में रुकना पडा ।
Blunder in Mumbai University's M.A. Exam
Students forced to wait for four and a half hours due to incorrect question papers.
How do questions from an exam conducted four days ago reappear in a new set of question papers?
Those responsible for such negligence in the… pic.twitter.com/uYGIQZbTlw
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) March 3, 2024
सभी अधिकारी और शिक्षक नींद में प्रश्नपत्रिका बनाते हैं क्या ? – सुधाकर तांबोली, मनसे
विद्यार्थी परिश्रम से अध्ययन करते हैं; लेकिन सभी अधिकारी और शिक्षक नींद में प्रश्नपत्रिका बनाते हैं क्या ? कुलपति द्वारा परीक्षा के कामकाज में गंभीरता से ध्यान देने का समय आ गया है ।
संपादकीय भूमिका४ दिन पूर्व हुई परीक्षा के प्रश्न पुन: नई प्रश्नपत्रिका में कैसे क्या आ जाते हैं ? शिक्षाक्षेत्र में ऐसी लापरवाही करने वालों को कठोर दंड ही देना चाहिए ! |
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