पिछले 7 वर्ष से चल रहे इस भ्रष्टाचार में उप मुख्य अभियंता का भी नाम !
गौहाटी (असम) – केंद्रीय जांच विभाग को शिकायत मिली कि यहां तैनात रेल मंत्रालय के कुछ अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं । उसमें से विभाग ने 7 अधिकारियों के घर पर छापेमारी की. इसमें उप मुख्य अभियंता रामपाल, पूर्व अभियंता जीतेंद्र झा, बी.यू. सेना के सीनियर डिविजनल इंजीनियर ऋतुराज गोगोई, धीरज भगवती, मनोज सैकिया तथा मिथुन दास अधिकारी सम्मिलित हैं ।
इन सभी ने 1 मई 2016 से 30 दिसंबर 2023 के बीच 60 करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वत ली । उन्हें असम स्थित ’इंडियन इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड’ से ’जिरीबाम इम्फाल रेलवे प्रोजेक्ट’ के लिए सभी टेंडर मिले । साथ ही प्रतिष्ठान से प्राप्त भुगतान को बिना जांचे ’पास’ कर दिया गया । इसके लिए वे कमीशन लेते थे । रिश्वत की रकम पत्नी, बेटे-बेटियों तथा अन्य रिश्तेदारों के खातों में जमा की गई ।
संपादकीय भूमिकाचूंकि ऐसा पिछले 7 वर्षों से हो रहा है, इसलिए स्पष्ट है कि यह भ्रष्टाचार केवल उप मुख्य अभियंता तक ही सीमित नहीं है । अब इस विभाग में मुख्य अभियंता, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, सरकार के मंत्रियों की जांच होनी चाहिए! |

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