
उज्जैन (मध्य प्रदेश) – अयोध्या में निर्मित भव्य श्रीराम मंदिर के संदर्भ में संपूर्ण देश में उत्साह का वातावरण है । श्रीराम मंदिर की भांति ही काशी, मथुरा, भोजशाला, कुतुब मीनार आदि अनेक हिन्दू धार्मिक स्थलों को वापस लेने में ‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट’ कानून बडी बाधा है । इस कानून में वर्ष १९४७ से पूर्व अतिक्रमित मंदिरों की यथास्थिति बनाए रखने का प्रावधान है । यह कानून हिन्दू समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहा है, साथ ही उनका न्याय की मांग करने का अधिकार छीन ले रहा है । अतः यह कानून तुरंत रद्द किया जाए, ऐसी मांग हिन्दू जनजागृति समिति, भारत रक्षा मंच एवं सनातन संस्था ने की । इस संदर्भ में कुछ दिन पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री के नाम से जिलाधिकारी कार्यालय में राजस्व निरीक्षक दिनेश देराडी को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया । इस समय भारत रक्षा मंच के मध्य भारत प्रांतीय संगठन मंत्री श्री. शैलेंद्र सेठ आदि मान्यवर उपस्थित थे ।
हिन्दू राष्ट्र-जागृति जनसभा में ‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट’ निरस्त करने की मांग !
वाराणसी में शास्त्री घाट पर हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित हिन्दू राष्ट्र-जागृति जनसभा में ‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट’ निरस्त करने की मांग की गई । यहां के जिलाधिकारी के माध्यम से मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी, मा. गृहमंत्री तथा मा. कानून एवं न्याय मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया ।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ होगा!
गुणवत्ता एवं अन्नसुरक्षा के विषय में ‘गोकुल’ संघ की ओर से कभी भी समझौता नहीं किया गया है ।
Hindu Kesari : प्रबल प्रताप सिंह जुदेव प्रतिष्ठित ‘हिन्दू केसरी’ पुरस्कार से सम्मानित।
Corporate Jihad : धर्मांतरण अस्वीकार करने के कारण ‘विप्रो’ (Wipro) की हिन्दू महिला कर्मचारी को सेवामुक्त किया !
कच्छ (गुजरात) में साधारण कारणवश मुसलमानों द्वारा ग्राम के हिन्दुओं पर आक्रमण !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !