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मुंबई, २० नवंबर (वार्ता) – लगातार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, तूफान, आग आदि में कार्य करने हेतु आपदा निवारण दल के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों तथा राज्य के नागरिकों को भी आपदा प्रबंधन की शिक्षा दी जाएगी । इसकी योजना सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सिद्ध की जा रही है । एक अधिकारी ने दैनिक ’सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि को बताया कि यह प्रशिक्षण वर्ष २०२४ से आरंभ किया जायेगा ।
यह प्रशिक्षण राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक दिया जाएगा । इस संबंध में केंद्र सरकार के दिशानिर्देश राज्य सरकार को प्राप्त हुए हैं । तदनुसार, प्रशिक्षण योजना सिद्ध की जा रही है । प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में स्वयं को तथा अपने सहकर्मियों को कैसे बचाया जाए तथा संपत्ति की हानि से कैसे बचा जाए, इस संदर्भ मे यह प्रशिक्षण होगा । इन अधिकारियों ने बताया कि पहले ग्राम स्तर पर ग्राम सेवकों को इस बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा तथा फिर स्कूल, कॉलेज आदि में विद्यार्थियों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा । कुछ महीने पहले वर्षा के समय रायगढ़ के इरशालवाड़ी में भूस्खलन से कुछ नागरिकों की मौत हो गई थी । इस बार स्थानीय नागरिकों ने भी आपदा राहत दल की सहायता की । सर्वप्रथम दुर्घटना स्थल पर स्थानीय लोगों द्वारा प्राथमिक उपचार प्रदान किया जाता है । यदि इन्हें प्रशिक्षित किया जाए तो आपदा के समय आपदा राहत कार्य तेजी से किया जा सकता है ।
आपदा राहत सामग्री भी उपलब्ध की जाएगी !
प्रशिक्षण के साथ-साथ आपदा के समय सभी प्रकार की आवश्यक सामग्री जैसे बिजली, तार, हेलमेट आदि की सूची भी तैयार की जा रही है । ये सामग्री आवश्यकतानुसार सरकारी कार्यालयों में उपलब्ध की जाएगी ।
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