|

मुंबई, (महाराष्ट्र) – आजाद मैदान, मुंबई में ११ अगस्त २०१२ को धर्मांध मुसलमानों द्वारा किए गए पूर्वनियोजित दंगे को ११ अगस्त, २०२३ के दिन ११ वर्ष हो रहे हैं । दुर्भाग्य की बात यह कि, इतने समय के उपरांत भी इस दंगे का मुकदमा अभी तक न्यायालय में चालू नहीं हुआ । इतना ही नहीं, दंगाइयों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति की हानि करने पर भी उनसे एक रुपए की भी वसूली पुलिस अथवा प्रशासन नहीं कर सका ।
१. इस दंगे में धर्मांधों ने २६ पुलिस वाहनों की तोडफोड की । वर्ष १८५७ की स्वतंत्रता लडाई के सैनिकों का स्मारक ‘अमर जवान ज्योति स्मारक’ धर्मांधों ने लात मार कर तोड दिया था । एंबुलेंस, पत्रकारों की वैन महानगरपालिका की बस गाडियों आदि की भी धर्मांधों ने तोडफोड की ।
२. आजाद मैदान पर हुए कार्यक्रम के लिए १५ सहस्र से अधिक लोगों के सहभागी होने पर भी केवल ६२ लोगों से हानि भरपाई वसूली का आदेश दिया गया है । इनमें से १८ लोग मुंबई के, ३९ लोग नई मुंबई और उपनगर क्षेत्र के तथा ५ लोग ठाणे के रहने वाले हैं । इनमें से २ लोगों के नाम हटाए गए हैं; लेकिन इनमें से अनेक लोग संबंधित पते पर उपलब्ध नहीं। यदि उपलब्ध भी हैं तो उनके नाम से संपत्ति नहीं, आदि कारण बताते हुए पुलिस और प्रशासन ने इस प्रकरण में नीति स्वीकार की है ।
३. महिला पुलिस का विनयभंग, क्रांतिकारियों का अपमान, पुलिस पर आक्रमण, सार्वजनिक संपत्ति की हानि, मीडिया पर आक्रमण,ऐसे गंभीर कृत्य करने के बावजूद इस दंगे के आरोपी जमानत पर खुले घूम रहे हैं ।
संपादकीय भूमिका
|
Bangladesh Terror Attack Threat : ढाका (बांग्लादेश) में जगन्नाथ रथयात्रा में बम विस्फोट करने का प्रयास उजागर
NEET Paper Leak : आपकी वजह से देश की अपकीर्ति (बदनामी) हुई, करोडों रुपयों का नुकसान हुआ !
न्यायालय २४ घंटे चलने वाला कोई मनोरंजन चैनल नहीं है ! — Supreme Court
Sonia Gandhi INC : (और इनकी सुनिए) “मोदी सरकार आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों को ‘राष्ट्र का शत्रु’ मानती है ।”
भारत-नेपाल सीमा से प्रवेश करने का प्रयास करने वाला खालिस्तानी अलगाववादी अमेरिकी नागरिक सहित बन्दी ।
(और इनकी सुनिए…) ‘प्रधानमंत्री ने प्रश्नपत्र लीक का उत्तरदायित्व निश्चित ही नहीं किया !’ – कांग्रेस