
‘हिन्दू राष्ट्र ही क्यों ? हिन्दू राष्ट्र इसलिए कि हम सभी जानते हैं,
वर्ष १९४७ में धर्म के आधार पर देश का विभाजन हुआ । मुसलमान बहुसंख्यक थे; इसलिए उन्हें पाकिस्तान दिया । तो फिर जो बचे वे क्या थे ? यदि धर्म के आधार पर विभाजन हुआ था एवं मुसलमानों को पाकिस्तान मिल गया, तो फिर शेष हिन्दुस्थान हिन्दुओं को ही मिलना चाहिए न ? क्या उस प्रकार हिन्दुओं को वह मिला है ? यदि नहीं, तो क्यों नहीं मिला ? कारण एक ही है, हमारा सर्वधर्म समभाव के प्रति विश्वास ! तब से लेकर आज तक सर्वधर्म समभाव का उद्घोष जारी है; परंतु सर्वधर्म समभाव क्या है, यह आज तक कोई नहीं जान पाया । भारतीय संविधान में सर्वधर्म समभाव शब्द की परिभाषा ही कहीं नहीं दी है ।’ (३.८.२०२३)
Bhopal Terror Module : ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ के ‘मिशन-२०४७’ के अनुसार समस्त आतंकवादी बाहर आकर सत्ता उलट देंगे !
भारत हिंदू राष्ट्र ही है ! – UM Pralhad Joshi
(और इनकी सुनिए…) “हिन्दुओ को विभाजित करने के लिए दूसरा रास्ता चुनना होगा ।” – Maulana Sajjad Nomani
भारत हिन्दू बहुल देश होकर भी धर्मनिरपेक्ष । कोई इस्लामी देश धर्मनिरपेक्ष हो, तो बताईए – राजा भैय्या, विधायक, उत्तरप्रदेश
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
मुंबापुरी में सहस्रों के समष्टि संकल्प से राष्ट्ररक्षा हेतु प्राप्त हुआ आध्यात्मिक बल !