बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का सफल परीक्षण !

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – अश्वगंधा औषधि वनस्पति के मॉलिक्यूल के कारण कोरोनावायरस नष्ट होते हैं, ऐसा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए संशोधन से उजागर हुआ है । विश्व में पहली बार ही अश्वगंधा के मॉलिक्यूल का कोरोनावायरस पर होने वाले परिणाम का इस प्रकार सफलतापूर्वक अध्ययन किया गया है । इसे ‘जर्मन पेटेंट’ भी मिला है । ३ वर्षों के अध्ययन के उपरांत यह सफलता इन विशेषज्ञों को मिली है । अश्वगंधा के मॉलिक्यूल के कारण ८७% से अधिक कोरोना विषाणु नष्ट करने में सहायता होना, ऐसा संशोधन से ध्यान में आया ।

मानवीय पेषियों पर इस मॉलिक्यूल का परीक्षण सफल हुआ है । सरकार की सहायता से अब रोगियों पर परीक्षण किया जाएगा । संशोधन सहयोगी प्रशांत रंजन ने बताया कि कोरोनावायरस पर अभी तक अश्वगंधा को लेकर कोई भी संशोधन नहीं हुआ है । मानव शरीर में कोरोनावायरस पूर्ण नष्ट करने में अश्वगंधा का यह मॉलिक्यूल उपयुक्त रहेगा ।
मुंबई के जुहू समुद्र तट पर कचरे का साम्राज्य !
परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी अवतारी पुरुष हैं ! – जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी
Waqf Board Scam : समाजवादी पार्टी के शासनकाल में ‘वक्फ बोर्ड’ की भूमि में अरबों रुपये का घोटाला ! — मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी
वर्ष २०२२-२३ में मुंबई के ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण (काँक्रिटीकरण) से मुक्त, परंतु अभी भी वे प्रकार निरंतर जारी
काशी, मथुरा तथा संभल के मंदिर-मस्जिद विवाद में सर्वोच्च न्यायालय के मध्यस्थता प्रस्ताव को दोनों पक्षों ने ठुकराया
Ram Mandir Donation Theft : श्रीराम मंदिर दान चोरी प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय का केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस