
उज्जैन (मध्य प्रदेश) – ‘‘जो सभी को धारण करता है वह धर्म होता है ! सनातन धर्म केवल मनुष्य ही नहीं, अपितु समस्त प्राणिमात्रों की भी चिंता करता है । ऐसे समय में भारत को धर्मनिरपेक्ष (सेक्युलर) बनाकर हमारे धर्म एवं धर्माचरण को प्रतिबंधित किया जा रहा है । इसलिए हिन्दुओं को धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करने के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है’’, ऐसा मार्गदर्शन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने किया । ‘धर्मसम्राट स्वामी श्री करपात्रीजी महाराज स्मृति समारोह एवं रुद्रचंडी याग’ के उपलक्ष्य में यहां के स्वामी शंकराचार्य मठ में व्याख्यान का आयोजन किया था, उसमें मार्गदर्शन करते हुए वे ऐसा बोल रहे थे । इस अवसर पर व्यासपीठ पर जयपुर के वेदाचार्य श्री. आनंद पुरोहित उपस्थित थे । कार्यक्रम के आरंभ में कार्यक्रम के संयोजक इंदौर के विश्वनाथ धाम के पं. गोपाल शास्त्री ने सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी को रुद्राक्ष की माला पहनाकर उन्हें सम्मानित किया । लक्ष्मणपुरी के धर्मसंघ के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. सप्तर्षि मिश्र ने इस कार्यक्रम का सूत्रसंचालन किया ।
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