
‘१ चाय का चम्मच सनातन पुनर्नवा चूर्ण, आधा ग्राम हजरूल यहूद भस्म एवं आधा ग्राम श्वेत पर्पटी यह औषधियां एकत्र कर दिन में २ बार एक कटोरी गुनगुने पानी में मिलाकर भोजन के पूर्व लें । उसके उपरांत तुरंत भोजन करें ।

बाजार में पतंजलि के हजरूल यहूद भस्म एवं श्वेत पर्पटी औषधियां ५ ग्राम के पैकेट में उपलब्ध हैं । ५ ग्राम औषधि के समान १० भाग करें । यह दसवां भाग अर्थात आधा ग्राम औषधि । इस उपचार से पथरी फूटकर मूत्र द्वारा बाहर निकलने में सहायता होती है । यह उपचार १ माह करें । यदि इससे अधिक दिनों तक औषधि लेनी हो, तो वैद्य से परामर्श लें ।’
– वैद्य मेघराज माधव पराडकर, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा. (१.२.२०२३)
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
प.पू. भक्तराज महाराजजी द्वारा अपने शिष्य डॉ. आठवलेजी के प्रति व्यक्त गौरवोद्गार !
इरोड (तमिलनाडु) में ‘महासुदर्शन याग’ एवं ‘आयुष्य होम’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !