भ्रष्टाचार में लिप्त राज्य का उत्पादन शुल्क विभाग !

नाशिक – रेस्तरां और मद्यालय चालू रखने के लिए प्रत्येक माह ३ रेस्तरां के १२ सहस्र रुपए मांगने के स्थान पर प्रति सप्ताह ९ सहस्र रुपयों की घूस ली गई । इस प्रकरण में राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के अधिकारी लोकेश गायकवाड सहित २ निजी दलाल पंडित शिंदे और प्रवीण ठोबरे को ७ फरवरी के दिन भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने रंगे हाथों पकडकर बंदी बनाया है ।
१. शिकायतकर्ता, जो निफाड शहर में एक रेस्तरां व्यवसायी है, येवला रोड पर उसके ३ बार और रेस्तरां हैं । इसकी जांच राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के भरारी दल की ओर से की जाती है ।
२. ३ फरवरी के दिन नियमित जांच में रेस्तरां के कामों में कमियां न निकालने के लिए दल के अधिकारी गायकवाड साथ ही वसूली के लिए दलाली करने वाले शिंदे और ठोबरे ने एक रेस्तरां के ४ सहस्र रुपए के हिसाब से १२ सहस्र रुपयों की मांग की थी ।
३. मोलभाव करते करते ३ रेस्तरां के कुल मिलाकर ९ सहस्र रुपए देने की बात तय हुई थी । इसके उपरांत इस प्रकरण में शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक विभाग से शिकायत की थी ।
संपादकीय भूमिकासभी शासकीय सुविधाएं और भारी भरकम वेतन होते हुए भी राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के अधिकारी घूस लेने का भ्रष्ट काम करते हैं । इसलिए उनकी संपत्ति जप्त कर उन्हें आजीवन कारागृह में डालना चाहिए ! |
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