
नई दिल्ली – भ्रष्टाचारी लोग देश का बेडागर्क कर रहे हैं । प्रत्येक सरकारी कार्यालय में क्या चल रहा है , यह आप देख रहे हैं । कौन उन पर कार्यवाही कर रहा है ? जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को खरीदा जाता है, उसका वीडियो हमने देखा है । आपको (अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू. की ओर संकेत करते हुए ) ऐसा कहना है क्या कि, यह सभी योग्य है और देश के विरोध में नही ? ऐसे लोगों पर प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की कठोर कार्यवाही नहीं होती, इस कारण वे अपना भ्रष्टाचार चालू ही रखते हैं । यही भ्रष्टाचार की जड है’ ऐसा उच्चतम न्यायालय ने कहा है । कुछ दिनों पूर्व तेलंगाना की सत्ताधारी भारत राष्ट्र समिति के विधायकों को तोडने के लिए करोडों रुपए देते समय का एक वीडियो प्रसारित हुआ था । इस वीडियो का संदर्भ देते हुए उच्चतम न्यायालय ने उपर्युक्त शब्दों में भ्रष्टाचार पर टिप्पणी की ।
Corrupt People Are Destroying The Country; No Action Taken Against Them: Supreme Court @Rintumariam https://t.co/2EbdnIZcOV
— Live Law (@LiveLawIndia) November 9, 2022
एल्गार परिषद और भीमा-कोरेगांव हिंसा प्रकरण के आरोपी गौतम नवलाखा पर सुनवाई उच्चतम न्यायालय में चल रही थी । उस समय अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. वजू ने तर्क देते हुए कहा कि, ‘इन जैसे लोग देश का बेडागर्क कर रहे हैं’, ऐसा कहा । इस पर ‘आपने जानकर लेना है क्या कि कौन देश का बेडागर्क कर रहा है ?’, ऐसा प्रश्न पूछते हुए उच्चतम न्यायालय ने उपरोक्त विधान किए ।
संपादकीय भूमिकाजो जनता को प्रतिदिन अनेक वर्षों से दिख रहा है, वही आज उच्चतम न्यायालय कह रहा है । यह स्थिति सभी पार्टी के शासनकर्ताओं को भी ज्ञात है, तब भी यह स्थिति बदलने के लिए कोई भी ठोस और कठोर प्रयास नहीं करते, यह भारतीयों के लिए लज्जास्पद है ! |
‘एस्.आई.आर्.’ प्रक्रिया कर रहे शिक्षक से ३ धर्मांधों ने की मारपीट !
अयोध्या : पवित्र सरयू नदी में मांस एवं मद्य का सेवन करने वाले तीन हिन्दू गिरफ्तार !
‘Vikram-1’ Creates History : देश के पहले निजी संस्थान द्वारा उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण
Vande Mataram : ‘वन्दे मातरम्’ का अपमान करने पर ३ वर्ष तक का कारावास होगा !
बहू का लगातार यौन शोषण करनेवाले ससुर जाकिर के गुप्तांग पर बहू ने धारदार हथियार से किया आक्रमण
गूगल का ‘जेमिनी’ एआई प्लेटफॉर्म ‘जय श्रीराम’ का उत्तर देता है, तो ‘सिरी’ ऐसा क्यों नहीं कर सकती ? – हिन्दुत्वनिष्ठों का प्रश्न