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नई देहली – केंद्र शासन ने गांधी परिवार से संबंधित स्वयंसेवी संस्था ‘राजीव गांधी फाउंडेशन’ को मिलने वाली विदेशी निधि की अनुज्ञप्ति रद्द की है । इस संस्था की ओर से आर्थिक अनियमितता होने का ध्यान में आने के उपरांत वर्ष २०२० कें गृहमंत्रालय द्वारा बनाई एक अंतर मंत्रालयीन समिति ने इसकी जांच की । इस संस्था को चीन से होने वाली आर्थिक सहायता संबंधी जांच भी की गई । जिसमें कुछ तथ्य सामने आने पर यह कार्यवाही की गई ।
Centre cancels Rajiv Gandhi Foundation’s #FCRA licensehttps://t.co/TvrGTevrLy
— Zee News English (@ZeeNewsEnglish) October 23, 2022
१. सोनिया गांधी इस ‘राजीव गांधी फाउंडेशन’ की अध्यक्षा हैं । पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम्, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वढेरा इस संस्था के ट्रस्टी हैं ।
२. राजीव गांधी की मृत्यु उपरांत जुलाई १९९१ में सोनिया गांधी के नेतृत्व में इस संस्था की स्थापना की गई । वर्ष १९९१ से २००९ तक स्वास्थ्य, विज्ञान और तंत्रज्ञान, महिला बाल विकास, शिक्षा आदि क्षेत्रों में काम करने का इस संस्था की ओर से दावा किया जाता है ।
३. जांच समिति में केंद्रीय गृहमंत्रालय, वित्त मंत्रालय साथ ही केंद्रीय जांच दल के अधिकारियों का समावेश था । इस जांच में संस्था ने आयकर प्रविष्ट करते समय कौन से कागज पत्रों में हेराफेरी की है अथवा विदेश से प्राप्त हुए पैसों का दुरुपयोग किया है क्या , यह देखा गया । इसमें दोषी पाए जाने पर इस संगठन को ‘विदेशी योगदान नियमन कानून’ के अंतर्गत विदेशी अनुदान मिलने की अनुज्ञप्ति रद्द कर दी गई है ।
संपादकीय भूमिकाकांग्रेस की ‘राजकीय’ अनुज्ञप्ति भी रद्द करने के लिए अब जनता को आवाज उठानी चाहिए ! |
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