आश्विन अमावस्या (२५.९.२०२२) को श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी का जन्मदिवस है । इस उपलक्ष्य में…

श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी को ५५ वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में सनातन परिवार की ओर से कृतज्ञतापूर्ण नमस्कार !
आश्विन अमावस्या (शक संवत अनुसार भाद्रपद अमावस्या) (२५.९.२०२२) को श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी का जन्मदिवस है । महर्षिजी द्वारा बताए अनुसार वे सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की एक आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणी हैं । सनातन की सद्गुरु अनुराधा वाडेकरजी तथा अन्य साधकों द्वारा श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी के विषय में किया हुआ कृतज्ञता पर लेखन यहां दे रहे हैं ।
१. श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी द्वारा ‘भाववृद्धि सत्संगों’ के माध्यम से आपातकाल का सामना करने हेतु बल प्रदान करना तथा असंख्य जीवों को इस सत्संग का लाभ मिलना

‘श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी जब से ‘भाववृद्धि सत्संग’ ले रही हैं, तब से प्रत्यक्ष ‘महालक्ष्मी’ देवी ही भरपूर कृपा कर रही हैं तथा सत्संग के माध्यम से आपातकाल का सामना करने के लिए बल प्रदान कर रही हैं । वे सभी का धैर्य बढा रही हैं, साथ ही सभी में भाव का बीज बो रही हैं । ‘न भूतो न भविष्यति ।’ (इससे पूर्व कभी नहीं हुआ और इसके उपरांत भी कभी नहीं होगा) प्रकार से चल रहे इस दैवी सत्संग का हम जैसे असंख्य जीवों को लाभ मिल रहा है ।
२. श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी का सत्संग मिलने के लिए सद्गुरु अनुराधा वाडेकरजी को कृतज्ञता प्रतीत होना
‘श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी का सत्संग मिलना, उनकी दैवी वाणी सुनने को मिलना और हमारे अंतर्मन में भाव के तरंगों का अनुभव हो पाना’, यह सब असामान्य एवं अद्भुत है । ‘इसके लिए चाहे कितनी भी कृतज्ञाता व्यक्त की जाए, अल्प ही है ।’, ऐसा लगकर मेरा गला भर आया । ‘गुरुदेवजी ने हमें श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी प्रदान की हैं’, इसके लिए मुझे बहुत कृतज्ञता प्रतीत हुई ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
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