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नई देहली – जालस्थलों के माध्यमों को नियंत्रित करने एवं उन्हें वृत्तपत्रों के समान मान्यता मिलने के लिए केंद्र सरकार नया कानून लागू करने की तैयारी कर रही है । इसलिए संसद में विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा । यह विधेयक संमत होने पर सर्व वृत्त जालस्थलों को प्रविष्टियां करनी पडेंगी । अबतक केवल वृत्तपत्रों पर यह नियम लागू था । १५५ वर्ष पुराना ‘प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ बुक्स एक्ट’ अमान्य कर ‘प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल बिल’ के नाम से यह विधेयक लाया जाएगा ।
The Centre is preparing a bill for a new registration regime for newspapers that will also include the digital news media industry, which currently is not included, a report said. #DigitalNews #DigitalMedia https://t.co/VoIgRK4LEI
— Business Standard (@bsindia) July 15, 2022
संपादकीय भूमिकाअबतक अंग्रेजों के बनाए कानूनों का अस्तित्व में होना, स्वतंत्रता उपरांत के सभी शासनकर्ताओं के लिए लज्जाजनक ! |
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(और इनकी सुनिए…) “हिन्दी तथा उर्दू भारत की भाषाएं हैं, जबकि संस्कृत बाहर से आई है ।” – Congress MP Mohammad Javed