
नई देहली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रशासन का वर्षाकालीन अधिवेशन १८ जुलाई से आरंभ हो रहा है । संसद के वर्षाकालीन अधिवेशन के पूर्व लोकसभा सचिवालय द्वारा ‘गैर-संसदीय’ शब्दों की सूची प्रसारित की गई है । यदि लोकसभा एवं राज्यसभा के कामकाज की प्रक्रिया में अध्यक्ष को एका-दो शब्द अपमानजनक अथवा गैर-संसदीय लगें, तो वे उन शब्दों को हटाने का आदेश देते हैं । नियम ३८१ के अनुसार सभागृह की गतिविधि का कुछ भाग हटाना हो, तो वह अध्यक्ष के आदेश से हटाया जा सकता है । इससे अब नया विवाद निर्मित हुआ है । तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने इस निर्णय पर तीव्र असंतोष प्रगट किया है तथा उनके नेताओं का कहना है कि वे इन शब्दों का प्रयोग करेंगे ।
Why is opposition up in arms over ban of certain words from Parliament?
TMC's @SantanuSenMP, Swarajya Magazine Editor @Tushar15_, Congress' @AadilBoparai and BJP's Anurag Sharma share their views
Watch #PlainSpeak with @ridhimb#Parliament #unparliamentary pic.twitter.com/rWOQFipBlc
— News18 (@CNNnews18) July 14, 2022
कुछ प्रतिबंधित ‘गैर-संसदीय’ शब्दों की सूची !
हिन्दी शब्द : गद्दार, शकुनी, विश्वासघात, दलाल, भ्रष्ट, चांडाल चौकडी, कमीना, काला सत्र, खून की खेती, दोहरा चरित्र, तानाशाही, तानाशाह, अराजकतावाद आदि ।
अंग्रेजी शब्द : Ashamed, Abused, betrayed, corrupt, drama, hypocrisy, incompetent
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