‘‘वैसे गुरु शिष्यों को आनंद देते हैं । २८ अक्टूबर को कु. दीपाली मतकरजी एवं ३० अक्टूबर को श्रीमती योया वालेजी ने संतपद पर विराजमान होकर मुझे शब्दातीत आनंद दिया है !’ – (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले (३०.१०.२०२१)

पू. (श्रीमती) योया वाले की बेटी कु. अनास्तासिया वाले को व्यष्टि ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त !

रामनाथी – स्पिरिच्युअल साइन्स रिसर्च फाउंडेशन के (एसएसआरएफ के) फ्रांस की परंतु गत कुछ वर्षाें से रामनाथी के सनातन आश्रम में निवास कर रही साधिका श्रीमती योया सिरियाक वाले (आयु ४१ वर्ष) के समष्टि संतपद पर विराजमान होने की आनंदवार्ता ३० अक्टूबर को विदेशी साधकों के सत्संग में दी गई । इस अवसर पर पू. वालेजी की बेटी कु. अनास्तासिया वाले (आयु १७ वर्ष) का व्यष्टि ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर घोषित किया गया । पू. (श्रीमती) योया वालेजी का सम्मान उनके संत भाई पू. देयान ग्लेश्चिचजी ने किया एवं कु. अनास्तासिया वाले का सत्कार उसके मामा, अर्थात पू. देयान ग्लेश्चिचजी ने ही किया । संत भाई ने अपनी संत बहन का सम्मान एवं संत मामा द्वारा ६१ प्रतिशत स्तर प्राप्त भांजी के सत्कार करने की यह दुर्लभ घटना है !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?