दीपावलीका आनंद द्विगुणित करनेवाले
त्योहार मनानेकी उचित पद्धतियां एवं अध्यात्मशास्त्र

- बलि प्रतिपदा (दीपावली पडवा) साढेतीन मुहूर्ताें में से एक मुहूर्त है !
- त्योहार धर्मशास्त्रानुसार ही क्यों मनाने चाहिए ?
- दिवाली (दीपावली) की व्युत्पत्ति एवं इतिहास
- दिवाली (दीपावली) त्योहार मनाने की पद्धति
देवीपूजनका अध्यात्मशास्त्र (लघुग्रन्थ)

- कुमकुमार्चनका शास्त्रोक्त आधार क्या है ?
- देवीकी आरती करनेकी उचित पद्धति क्या है ?
- देवीकी आंचलभराई क्यों और कैसे करें ?
- दीपावलीके दिन लक्ष्मीपूजनका क्या महत्त्व है ?
सात्त्विक रंगोलियां (लघुग्रन्थ)
केवल सुन्दर दिखनेवाली रंगोलियोंकी अपेक्षा देवताओंके तत्त्व आकृष्ट एवं प्रक्षेपित करनेवाली रंगोलियां लाभदायक होती हैं । देवताओंकी उपासना हेतु तथा त्योहार, जन्मदिन आदि प्रसंगोंमें बनाई जानेवाली रंगोलियां इस लघुग्रन्थमें प्रस्तुत हैं ।
संपर्क क्र. : (0832) 2312664
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Puri Rath Yatra : पुरी में विश्वविख्यात भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
हरियाणा में सनातन संस्था द्वारा आयोजित निःशुल्क सनातन संस्कार प्रशिक्षण शिविर संपन्न