बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की अभिनंदनीय कृति ! इस प्रकार के पाठ्यक्रम देश के अन्य विश्वविद्यालयों द्वारा भी आरंभ करना आवश्यक ! – संपादक

काशी (उ.प्र.) – बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) अभ्यास केंद्र में हिन्दू धर्म और संस्कृति पर आधारित पाठ्यक्रम प्रारंभ होनेवाला है । इस कारण इस विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अब वेद, पुराण, रामायण, महाभारण, दर्शन, स्थापत्य, लोकनाट्य, ज्ञानमीमांसा, साथ ही हिन्दू धर्म की विशेषता और परंपरा पर आधारित पाठ्यक्रम का लाभ मिलेगा । यह पाठ्यक्रम इसी २०२१-२२ के शिक्षा सत्र से आरंभ होनेवाला है ।
१. इस वर्ष के आरंभ में हुई एक बैठक में बीएचयू, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), आईआईटी कानपुर के विद्वान, साथ ही देशभर के कई विद्वानों ने ‘बीएचयू’ में हिन्दू धर्म के विषय में शिक्षा देने का निर्णय लिया था ।
२. २ वर्ष के इस पाठ्यक्रम के लिए ४० जगह निर्धारित की गई हैं । इसके लिए ‘ऑनलाइन’ आवेदन भरने की अंतिम तिथि ७ सितंबर होकर प्रवेश परीक्षा ३ अक्टूबर को रखी गई है । (२०.८.२०२१)
Chhattisgarh High Court : विद्यालयों में गायत्री मंत्र के पाठ संबंधी निर्देश देनेवाले परिपत्र को चुनौती देनेवाली याचिका उच्च न्यायालय ने निरस्त की !
Government Schools: देश के विद्यालयों की संख्या ५ सहस्र तक घटी, जबकि सरकारी विद्यालयों की तुलना में निजी विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढी ।
महाराष्ट्र के १८१ महाविद्यालयों में न्यूनतम शैक्षणिक सुविधाओं का अभाव उजागर !
Kashmir school student : “शायद मंत्रीजी के अपने बच्चे स्कूल नहीं जाते होंगे तथा वे स्वयं पूरे दिन ‘एसी’ में सोती रहती होंगी ।”
Nimbooda Song Controversy : ओडिशा की कक्षा ५ की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक में हिंदी चलचित्र के ‘निंबूडा निंबूडा’ गीत के बोल सम्मिलित !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार