जनता के स्वास्थ्य से खेलने वाले ऐसे घोटालेबाजों को आजीवन कारावास में डालें ! – संपादक

नई दिल्ली – उत्तराखंड हरिद्वार में अप्रैल माह में हुए कुंभ मेले के आयोजन के समय कोरोना जांच में हुए घोटाला के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने (ई.डी.ने) उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तरप्रदेश और दिल्ली में कुछ पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं पर छापे मारे । जाली जांच के माध्यम से बडे स्तर पर आर्थिक भ्रष्टाचार को गुनाह उत्तराखंड पुलिस ने प्रविष्ट किया था ।
The Enforcement Directorate (ED) on Friday conducted multiple raids in connection with a money laundering probe into fake Covid testing during the recently-held Kumbh mela in Uttarakhand's Haridwar.https://t.co/6jYvyPG5Bl
— News18 (@CNNnews18) August 7, 2021
ई.डी. अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्र शासन ने इन प्रयोगशालाओं को कुम्भ मेले की कालावधि में रैपिड एंटिजेन टेस्ट और आर.टी.पी.सी.आर. जांच करने के ठेके दिए थे; लेकिन इन प्रयोगशालाओं ने प्रत्यक्ष में बहुत कम मात्रा में कोरोना की जांच की । साथ ही जांच करने की झूठी संख्या प्रविष्ट की । उन्होंने जाली बिल भी बनाए । इस आधार पर आर्थिक लाभ करना उनका उद्देश्य था । इसके अंतर्गत जो लोग कभी कुंभ मेले में गए ही नहीं, ऐसे लोगों की जांच की ऐसा दिखाया गया है । इन प्रयोगशालाओं द्वारा की गई झूठी जांच के कारण कुंभ मेले के समय हरिद्वार में कोरोना पीडितों का प्रतिशत ०.१८ इतना दिखाया गया; लेकिन प्रत्यक्ष में यह ५.३ प्रतिशत होने का अंदाजा ई.डी. के अधिकारियों ने बताया है । उत्तराखंड के राजस्व विभाग ने इन जांचों के लिए संबंधित विभाग को ३ करोड ४ लाख रुपए की निधि दी थी ।
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