सनातन प्रभात > Post Type > सच्चिदानंद परब्रह्म डाॅ. आठवले > परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार 02 Apr 2021 | 06:52 AMApril 4, 2021 Share this on :TwitterFacebookWhatsapp Share this on :TwitterFacebookWhatsapp नूतन लेख ग्रंथवाचन एवं ग्रंथों के लिए चिन्हित कतरनों से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का ध्यान में आया ईश्वरत्व !कर्मयोग, ज्ञानयोग एवं भक्तियोग के क्रम में हुई परम पूज्य डॉक्टरजी की आध्यात्मिक यात्राभूतल पर सर्वश्रेष्ठ जन्म अर्थात हिन्दू धर्म में जन्म मिलना ! -सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजीपरात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा वर्ष १९८१ में सम्मोहन उपचार संबंधी अवधारणाओं के विषय में किया गया लेखनहिन्दुओ, कालानुसार साधना के रूप में श्रीरामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करें !सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार