E20 Janta Party : ‘कॉकरोच जनता दल’ के पश्चात् सामाजिक माध्यमों पर ‘ई २० जनता दल’ की स्थापना

  • इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल नीति का विरोध

  • केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के त्यागपत्र की मांग

नई दिल्ली – ‘कॉकरोच जनता दल’ के आंदोलन को सफलता मिलने के पश्चात् अब सामाजिक माध्यमों पर ‘ई २० जनता दल’ नामक एक समूह गठित किया गया है । ‘इथेनॉल’-मिश्रित ईंधन के साथ १०० प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल क्रय करने का विकल्प भी उपभोक्ताओं को मिले, इस मांग हेतु इस समूह की स्थापना की गई है । यह समूह किसने निर्मित किया है ?, इसका संस्थापक कौन है ?, यह ज्ञात नहीं हो सका है; किन्तु सरकार द्वारा लागू की गई इथेनॉल-मिश्रण नीति के कारण इस समूह ने केंद्रीय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के त्यागपत्र की मांग की है ।

इस समूह ने कहा है कि हम किसी अनुदान, नि:शुल्क ईंधन अथवा इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को बंद करने की मांग नहीं कर रहे हैं । उपभोक्ताओं को जो ईंधन चाहिए, उसे क्रय करने का विकल्प उन्हें मिलना चाहिए, केवल इतनी ही हमारी मांग है ।

इथेनॉल-मुक्त ईंधन की प्राप्ति हुई कठिन !

वर्तमान में भारत में इथेनॉल-मुक्त ईंधन उपलब्ध है; किन्तु वह केवल कुछ चयनित ईंधन स्टेशनों (पेट्रोल पंपों) पर ही प्राप्त होता है एवं उसका मूल्य अत्यंत अधिक है । दिल्ली में सामान्य ‘ई २०’ पेट्रोल का मूल्य अनुमानतः १०२.१२ रुपए प्रति लीटर है, जबकि यह प्रीमियम ईंधन अनुमानतः १६९ रुपए प्रति लीटर की दर से विक्रय किया जा रहा है । इस कारण यह सामान्य उपभोक्ताओं की क्षमता से बाहर है । दूसरी ओर सरकार ने स्पष्ट किया है कि इथेनॉल-मिश्रित ईंधन के कारण व्यापक स्तर पर समस्याएं उत्पन्न होने का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है ।

संपादकीय भूमिका

अब यदि किसी को यह प्रतीत हो कि हिन्दुओं को भी देशव्यापी गोहत्या प्रतिबंध, धर्मांतरण-विरोधी कानून, जनसंख्या नियंत्रण कानून, देशव्यापी समान नागरिक संहिता एवं देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने इत्यादि विषयों के लिए इसी प्रकार का ‘जनता दल’ गठित कर आंदोलन के माध्यम से सरकार को यह सब करने के लिए बाध्य करना चाहिए, तो वह अनुचित नहीं होगा; क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार हिन्दुओं को उपेक्षित मानती है, जबकि जंतर-मंतर जैसे आंदोलनों पर प्रतिक्रिया देती है !