(कथित) ‘वर्तमान में (प्रारम्भिक स्तर) जमीनी स्तर पर युवाओं में जागृति लाना ही हमारा लक्ष्य ’

राजनीति में प्रवेश करने पर कॉकरोच जनता पार्टी का रुख ।

नई दिल्ली – ‘नीट’ प्रश्नपत्रिका लीक प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए धर्मेन्द्र प्रधान ने अपने शिक्षामंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया । इसे कॉकरोच जनता पार्टी की विजय बताया जा रहा है । ३६ दिनों का आन्दोलन समाप्त करने के उपरान्त अब पार्टी के प्रवक्ताओं से पूछा गया कि ‘क्या उनकी पार्टी राजनीति में प्रवेश करेगी ?’ इस पर पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका तथा सौरव दास ने इस संभावना से मना कर दिया।

दास ने कहा, ‘‘हमारा ध्यान युवाओं के आन्दोलन को सशक्त बनाने पर है । वर्तमान में हमारा लक्ष्य इस आन्दोलन को प्रारम्भिक स्तर (जमीनी स्तर) तक पहुंचाना है । भारत में पहले से ही ७५० से ८०० राजनीतिक दल अस्तित्व में हैं, किन्तु कोई भी दल युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहा है । इसलिए इस आन्दोलन को जमीनी स्तर तक पहुंचाना आवश्यक है । सत्ता में कोई भी दल हो, उसे युवाओं की मांगें पूरी करनी ही होंगी तथा उनके लिए कार्य करना होगा । यही हमारी नीति है ।’’

संपादकीय भूमिका

दिल्ली आन्दोलन में अपने ही मंच से हिन्दुओं के देवताओं का उपहास करने वाले कुणाल कामरा, अनुच्छेद ३७० को पुनः लागू करने की राष्ट्रविरोधी मांग करने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी तथा हिन्दू विरोधी वक्तव्य देने वाले अभिनेता प्रकाश राज जैसे लोगों को स्थान देने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ युवाओं में कैसी जागृति लाएगी ?