Bangladeshi infiltrators : बांग्लादेश ने अपनी सीमा में १० घुसपैठियों को प्रवेश देने के भारतीय प्रयास का विरोध किया l

बंगाल में बांग्लादेश सीमा पर पुन: तनाव l

ढाका (बांग्लादेश) — भारत एवं बांग्लादेश की सीमा पर एक बार पुन: तनाव उत्पन्न हुआ है । इस बार मेहरपुर के नजीराकोना सेक्टर में दोनों ओर के सुरक्षा बलों के बीच तनाव हुआ । बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB-बी.जी.बी.) ने आरोप लगाया है कि भारत की सीमा सुरक्षा बलों ने उनके क्षेत्र में १० लोगों को अवैध रूप से भेजने का प्रयास किया । बी.जी.बी. एवं स्थानीय लोगों ने इस प्रयास का कड़ा विरोध किया एवं उसे विफल कर दिया ।

नजीराकोना के बी.जी.बी. कैंप के कमांडर नायक-सुबेदार मोजम्मेल हक ने कहा कि हमें जानकारी मिली थी कि भारतीय पक्ष द्वारा ‘पुश-इन’ (लोगों को अवैध रूप से धकेलने का प्रयास) हो रहा है । इसके उपरांत बी.जी.बी. के जवानों एवं स्थानीय लोगों ने मोर्चा संभाला एवं भारत से लोगों को बलपूर्वक भेजने के सीमा सुरक्षा बल के प्रयासों का तीव्र विरोध किया । विरोध के उपरांत उन लोगों को सीमा पर वापस भारतीय क्षेत्र में ले जाने का निर्णय लिया गया । जून महीने में मेहरपुर सीमा पर यह छठा ऐसा प्रयास था जिसमें लोगों को बलपूर्वक भेजने का प्रयास किया गया; पर बी.जी.बी. एवं सीमा के समीप रहने वाले घात लगा कर बैठे लोगों के कारण सभी प्रयास असफल रहे ।

बांग्लादेश सरकार इस पर ध्यान दे — बांग्लादेश के विपक्षी नेता

इस प्रकरण में बांग्लादेश के विपक्षी नेता नाहित इस्लाम ने कहा कि भारत का सीमा सुरक्षा बल लोगों को बलपूर्वक बांग्लादेश की सीमा में धकेलने का प्रयास कर रहा है, जिसके कारण सीमा पर संघर्ष हो रहा है । तारिक रहमान की सरकार को इस गंभीर विषय पर ध्यान देना चाहिए, उन्होंने मांग की ।

भारत-बांग्लादेश के बीच बैठक के होने के उपरांत भी तनाव जैसा का तैसा है

सीमा सुरक्षा एवं प्रबंधन को लेकर दिल्ली में ८ से ११ जून के बीच बी.जी.बी. एवं भारत की सीमा सुरक्षा बल के महासंचालक स्तर की बैठक हुई थी, जिसमें अवैध घुसपैठ एवं सीमा पार अपराधों पर विस्तृत चर्चा हुई । दोनों पक्षों ने बैठक को सफल बताया, तदापि वास्तविक सीमा पर तनाव अभी भी जारी है ।

संपादकीय भूमिका

गत कुछ दिनों की घटनाओं को देखते हुए बांग्लादेश सरकार के बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस लेने की संभावना अत्यल्प प्रतीत हो रही है । इसलिए भारत के लिए अब इन घुसपैठियों को वापस भेजने के अन्य विकल्प अपनाना आवश्यक हो गया है ।