बांग्लादेश : कारागार में बंद इस्कॉन के चिन्मय प्रभु के जीवन को गंभीर खतरा !

बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिन्दुओं में जागृति लाने के कारण डेढ वर्ष से कारागार में बंद

चिन्मय कृष्ण दास प्रभु

ढाका (बांग्लादेश) – आध्यात्मिक संस्था (इस्कॉन) के नेता तथा बांग्लादेश के प्रखर हिंदुत्वनिष्ठ के जीवन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है, ऐसी जानकारी इस्कॉन के भारत स्थित नेता श्री . राधारमण दास द्वारा ‘एक्स’ के माध्यम से दी गई ।

उन्होंने कहा, “कुछ दिनों पूर्व ही मेरी चिन्मय प्रभु की माताजी से बातचीत हुई । अपने पुत्र के विषय में बात करते समय वे भावुक होकर रोने लगीं । चिन्मय दास ५८३ दिनों से अधिक समय से कारागार में बंद हैं । अंतिम भेंट के समय उनकी स्वास्थ्य-स्थिति अत्यंत खराब थी ,” ऐसा उनकी माता ने बताया ।

दास ने आगे कहा कि यदि चिन्मय प्रभु को शीघ्र ही उन्नत चिकित्सा उपचार हेतु विदेश नहीं ले जाया गया, तो उनके जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है । उन्होंने पंतप्रधान मोदी जी से हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए कहा कि चिन्मय प्रभु को तत्काल चिकित्सकीय उपचार हेतु भेजा जाए ।

दास ने यह भी बताया कि चिन्मय प्रभु की माताजी को हाल ही में तीव्र हृदयाघात हुआ है तथा उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है । कृपया उनके लिए भी प्रार्थना करें ।

संपादकीय भूमिका

हिन्दू धर्म में सन्यास को सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है । ऐसे में चिन्मय कृष्ण दास प्रभु जैसे सन्यासी हिन्दुओं में जागृति का कार्य कर रहे हैं । अतः उनकी सुरक्षा हेतु अब बांग्लादेश सहित भारत के हिन्दुओं को व्यापक स्तर पर आवाज उठाकर सरकारों पर दबाव बनाना चाहिए !