श्रीराम मंदिर में दान की चोरी के आरोपी अविनाश शुक्ल की स्वीकारोक्ति
पैसे चोरी करते समय सभी आरोपी एक-दूसरे की सहायता करते थे
चोरी के समय अन्य आरोपी उसके आस-पास घेरा बनाकर खडे रहते थे
अयोध्या (उत्तर प्रदेश) – श्रीराम मंदिर में दान के रूप में प्राप्त करोडों रुपये प्रथम मंदिर के शौचालय में छिपा दिए जाते थे एवं योग्य अवसर प्राप्त होने पर उन्हें वहां से निकाला जाता था, ऐसी स्वीकारोक्ति आरोपी अविनाश शुक्ल ने दी है । न्यायालय की अनुमति के उपरांत विशेष अन्वेषण दल ने कारागृह में जाकर अविनाश की लगभग २ घंटे तक पूछताछ की, उस समय उसने यह स्वीकारोक्ति दी । साथ ही उसने पुलिस को यह भी पूरी जानकारी दी कि दान गणना प्रक्रिया में स्थित त्रुटियों का कैसे अनुचित लाभ उठाया जाता था ।
🚨 Ram Mandir Donation Theft: Shocking Confession!
Accused Avinash Shukla confessed to hiding stolen cash in a restroom.
The accused reportedly worked together; forming a human shield during the thefts.
Investigators have also recovered ₹58 lakh, while land and a house are… https://t.co/EfibCD6a9O pic.twitter.com/SppVnMe6FY
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) July 1, 2026
इस दान गणना प्रक्रिया में ‘श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास’ के विश्वस्त अनिल मिश्रा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी, ऐसा रहस्योद्घाटन अविनाश ने किया है ।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अविनाश ने बताया कि, जिस कक्ष में दान राशि की गणना की जाती थी , उस कक्ष की एक चाबी टिन्नू यादव के पास रहती थी, जबकि दूसरी चाबी बैंक के कर्मचारियों के पास रहती थी । यह सारा कार्य एक बडे कपट जाल के माध्यम से किया जाता था । धन राशि की चोरी करते समय सभी आरोपी एक-दूसरे की सहायता करते थे । जब कोई व्यक्ति पैसे चुरा रहा होता था तो अन्य आरोपी उसके चारों ओर घेरा बनाकर खडे रहते थे जिससे किसी को संदेह न हो । मंदिर के परिसर में कहां एवं कौन-कौन से छाया चित्र यंत्र लगे हैं, इसकी संपूर्ण जानकारी सभी आरोपियों के पास थी । इन्हीं जानकारियों का अनुचित लाभ उठाकर वे छाया चित्र यंत्रों की दृष्टि से बचते थे । चोरी किए गए पैसे प्रथम शौचालय में छिपाकर रख दिए जाते एवं तदोपरांत सुविधा अनुसार वहां से निकालकर ले जाया जाता था । न्यास के बडे पदाधिकारियों से घनिष्ट संबंध होने के कारण किसी ने उन पर संशय नहीं किया एवं उन पर निरीक्षण नहीं रखा गया , ऐसा भी उसने स्वीकार किया ।
चोरी किए गए धन से क्रय की गई भूमि एवं घर
जांच में उजागर हुआ है कि आरोपियों ने चोरी किए गए पैसों से भूमि एवं भव्य भवन क्रय किए । पुलिस अब आरोपियों के आर्थिक लेन-देन एवं संपत्ति की गहन जांच कर रही है ।
अन्वेषण दल के गठन से पहले ही ५८ लाख रुपये किए हस्तगत
उत्तर प्रदेश सरकार ने १३ जून को इस प्रकरण की जांच के लिए विशेष अन्वेषण दल गठित किया था । आपराधिक परिवाद प्रविष्ट होने के पूर्व ही अर्थात् ५ जून को न्यास ने अविनाश शुक्ला के घर से ५८ लाख रुपये हस्तगत किए थे । शेष राशि ५ से ८ जून के बीच ‘बैंक ट्रांसफर’ के माध्यम से वापस प्राप्त कर ली गई थी ।

SANATAN PRABHAT EXCLUSIVE : राज्य में सूचना-प्रौद्योगिकी से संबंधित अंग्रेजी शब्दों के लिए वैकल्पिक मराठी शब्द कोश नहीं !
कर्नाटक सरकार मंदिरों की भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को हटाने के लिए सर्वेक्षण करेगी – Deputy CM Dr. G. Parameshwara
भ्रष्ट आचरण की ओर आंखें मूंदना चंपत राय का अपराध है ! – VHP
Haryana IPS Officer Arrest : ३ करोड रुपये की रिश्वत की घटना में आईपीएस अधिकारी को बंदी बनाया ।
वाशीम: ९ पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास !
Ram Mandir Donation Theft : चंपत राय, अनिल मिश्रा एवं गोपाल राव के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट कराने के लिए अयोध्या के अधिवक्ताओं का आंदोलन l