विशेष न्यायालय ने विधायक टी. राजा सिंह को आरोप से मुक्त किया ।

वर्ष २०२२ में मोहम्मद पैगंबर के संदर्भ में कथितरूप से अपमानजनक टिप्पणी किए जाने का प्रकरण ।

श्री. टी. राजा सिंह

भाग्यनगर (तेलंगना) – यहां के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ नेता तथा विधायक टी. राजा सिंह को विशेष न्यायालय ने अगस्त २०२२ में एक प्रकरण में छोड किया । मोहम्मद पैगंबर के संदर्भ में कथितरूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के प्रकरण में उनके विरुद्ध अपराध पंजीकृत किया गया था । सांसदों-विधायकों के लिए प्रावधित विशेष न्यायालय ने यह निर्णय दिया । इस आरोप में वे वर्ष २०२२ से ७७ दिन हिरासत में थे ।

राजा सिंह के अधिवक्ता के. करुणा सागर ने बताया कि न्यायालय के यह ध्यान में आया कि सरकारी पक्ष टी. राजासिंह के विरुद्ध आरोप सिद्ध करने में असफल रहा तथा उसके कारण न्यायालय ने विधायक टी. राजासिंह को मुक्त कर दिया ।

यह तो सत्य की विजय – विधायक टी. राजा सिंह

गोशामहल विधानसभा चुनावक्षेत्र का प्रतिनिधित्व करनेवाले टी. राजा सिंह ने न्यायालय के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे ‘सत्य की विजय’ बताया । उन्होंने यह आरोप लगाया कि तत्कालीन भारत राष्ट्र समिति सरकार ने ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ के (एम्.आई.एम्.आई.एम्. के) दबाव में आकर मेरे विरुद्ध यह कार्यवाही की थी ।

उन्होंने आगे कहा कि मैंने सदैव ही कानून एवं संविधान की चौखट में रहकर मेरा पक्ष रखा । मुझ पर लगे सभी आरोप आज न्यायालय में झूठे सिद्ध हुए हैं । यह सत्य, न्याय एवं कानून की विजय है ।

जालस्थल हेतु घटनाक्रम को समझ लीजिए ।

अगस्त २०२२ में विधायक टी. राजा सिंह के विरोध में ‘प्रतिबंधात्मक गिरफ्तारी कानून’ के अंतर्गत कार्यवाही की जाने के उपरांत २५ अगस्त से ९ नवंबर २०२३ की अवधि में उन्हें कारागृह में बंद रहना पडा था । इस कथित आपत्तिजनक वक्तव्य के उपरांत भाजपा ने उन्हें दल से निलंबित भी किया था । आगे जाकर वर्ष २०२३ के विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा ने उनका निलंबन वापस लेते हुए उन्हें पुनः एक बार भाग्यनगर शहर के गोशामहल चुनावक्षेत्र से प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतारा । वे पुनः चुनकर भी आए । पिछले वर्ष भाजपा के तेलंगाना प्रकोष्ठ के प्रमुखपद के लिए आवेदन भरने की अनुमति अस्वीकार किए जाने से विधायक राजासिंह ने भाजपा छोडी ।