Nizamabad School Urdu Kalma : निजामाबाद (तेलंगाणा) के एक विद्यालय में हिन्दू विद्यार्थियों को उर्दू एवं कलमा पढाने का विरोध I

भाजपा के नेता सहित लगभग २० लोगों के विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट I

(कलमा से आशय अल्लाह की स्तुति करने वाले वाक्यों से है)

भाग्यनगर (तेलंगाना) – निजामाबाद जिले के आर्मूर के एक निजी विद्यालय में हिन्दू विद्यार्थियों को उर्दू एवं ‘कलमा’ पढाने को लेकर बडा विवाद खडा हो गया है । इस प्रकरण में पुलिस ने विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दंगों को भडकाने के आरोप में विद्यालय के प्रतिनिधि, प्राचार्य एवं उर्दू शिक्षिका के विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट किया है । वहीं दूसरी ओर, विद्यालय में घुसकर कर्मचारियों पर आक्रमण करने के आरोप में भाजपा के स्थानीय नेता सहित करीब २० लोगों के विरुद्ध भी प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । यह घटना २७ जून को ‘भारत चंद्रा विद्यालय’ में घटी । भाजपा के कुछ कार्यकर्ता एवं कुछ अभिभावकों ने विद्यालय में आकर घोषणा की कि हिन्दू विद्यार्थियों को उर्दू की कक्षा में इस्लाम से संबंधित ‘कलमा’ पढाया जा रहा है, ऐसा आरोप लगाया गया । इसी बात ने विद्यालय परिसर में हंगामा खडा कर दिया ।

विद्यालय के प्राचार्य आमेर खान का कहना है कि कुछ मुस्लिम अभिभावकों ने अपने बच्चों के लिए उर्दू पढाने की मांग की थी । इसके उपरांत नए शैक्षणिक सत्र में एक उर्दू शिक्षिका की नियुक्ति की गई । विद्यालय में निर्माण कार्य चलने के कारण अतिरिक्त वर्ग कक्ष उपलब्ध नहीं थे । ऐसी परिस्थिति में उर्दू का अध्यापन उसी कक्षा में किया गया, जहां अन्य धर्म के विद्यार्थी भी बैठते थे । इससे कुछ हिन्दू विद्यार्थियों ने भी उर्दू के अक्षर अपने नोटबुक में लिख लिए । कुछ अभिभावकों का यह आरोप कि ‘उनके बच्चों को नमाज पढना सिखाया जा रहा है’ सच नहीं है । बच्चों को केवल उर्दू मूलाक्षर ‘अलिफ, बे, ते’ पढाए जा रहे थे, कोई धार्मिक अनुष्ठान या नमाज पढाने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया ।

प्राचार्य ने कहा कि परिवाद प्रविष्ट करते समय भाजपा के स्थानीय नेता वंदुला बालू अपने समर्थकों के साथ विद्यालय में आए एवं उन्होंने मुझसे मारपीट की । मेरे कान के पास मारा एवं मुझे धक्का देकर गिराने का भी प्रयास किया गया। पुलिस ने भी मेरे साथ योग्य व्यवहार नहीं किया एवं मुझे मेरे ही कार्यालय में लंबे समय के लिए भूमि पर बैठाकर रखा, ऐसा आरोप उन्होंने लगाया है ।

संपादकीय भूमिका

  • हिन्दू विद्यार्थियों को कलमा पढाने का साहस मुसलमानों की ओर से किया गया - इसका अर्थ हिन्दू निष्क्रिय हैं, यही स्पष्ट होता है !
  • ऐसी घटनाओं को रोकने एवं हिन्दुओं को धार्मिक शिक्षा दिलाने के लिए हिन्दू राष्ट्र की स्थापना अनिवार्य है !